आगरा के बहुचर्चित दयालबाग शैक्षिक संस्थान (डीईआई) की शोध छात्रा हत्याकांड के मामले में मंगलवार से अंतिम बहस शुरू हो गई। अपर जिला जज प्रथम पुष्कर उपाध्याय की अदालत में अभियोजन एवं वादी पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक एवं पूर्व डीजीसी ने दलीलें पेश कीं। बुधवार 16 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।

घटना 15 मार्च 2013 की है। डीईआई की नैनो बायोटेक्नोलॉजी लैब में शोध छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने उदय स्वरूप और लैब टेक्नीशियन यशवीर संधू को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई, जिसने अपनी विवेचना में केवल उदय स्वरूप को आरोपी बनाया।

अब तक अभियोजन पक्ष के चार दर्जन से अधिक गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। बचाव पक्ष की ओर से भी पांच गवाहों की गवाही कराई गई, जिनमें लंदन (इंग्लैंड) निवासी फोरेंसिक डीएनए विशेषज्ञ डॉ. एंडेरी सेमिकोस्की की गवाही हुई। वादी पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने सभी बचाव गवाहों से जिरह की। फिलहाल वादी पक्ष की अंतिम बहस जारी है। इसके बाद आरोपी पक्ष के अधिवक्ता अपनी दलीलें अदालत के समक्ष रखेंगे। मंगलवार को सुनवाई के दौरान वादी के अलावा आरोपी उदय स्वरूप और यशवीर संधू भी अदालत में मौजूद रहे। 

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें