दिवंगत सूबेदार महावीर सिंह की 75 वर्षीय बुजुर्ग बीमार पत्नी को आवास के मामले में अदालत से राहत मिली है। सिविल जज (सीनियर डिवीजन-2) दिव्या चौधरी ने विकास प्राधिकरण (एडीए) के खिलाफ आदेश पारित करते हुए मकान की यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दे दिए।
ताजगंज थाना क्षेत्र के गोमती एन्क्लेव निवासी बैजंती देवी ने सिविल अदालत में वाद दायर कर बताया कि पति स्वर्गीय महावीर सिंह भारतीय सेना में सूबेदार थे। वर्ष 1971 में उन्हें राष्ट्रपति ने सम्मानित किया गया था। उनका ताजगंज क्षेत्र के गोमती एन्क्लेव में 215 वर्ग गज क्षेत्रफल में मकान है। उनके बीमार पड़ने पर पड़ोसी ने एडीए में झूठी शिकायत कर दी कि मकान का निर्माण बिना नक्शा स्वीकृत कराए किया गया है।
इस पर एडीए ने 26 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी किया। इसके बाद 9 जनवरी और 2 मई को दोबारा नोटिस भेजकर मकान को सील एवं ध्वस्त करने की चेतावनी दी। आरोप है कि 16 मई को एडीए के कर्मचारी बुलडोजर लेकर मकान गिराने पहुंच गए थे। स्थानीय लोगों ने उनकी वृद्धावस्था, बीमारी और लाचारी का हवाला दिया, जिसके बाद कर्मचारी लौट गए।
