जिले में सरप्लस (अतिरिक्त) शिक्षकों की समायोजन प्रक्रिया शुरू हो गई है। अपनी तैनाती वाले स्कूल में जमे रहने के लिए शिक्षक तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं। बरौली अहीर और बिचपुरी विकास खंड के करीब 250 शिक्षकों ने विभाग को आपत्तियां और आवेदन सौंपे हैं। इनका तर्क है कि उनके विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ चुकी है, इसलिए उन्हें सरप्लस मानकर दूसरी जगह न भेजा जाए।

बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले में करीब 1400 सरप्लस शिक्षकों की पहचान की है। इनमें सबसे अधिक संख्या बरौली अहीर और बिचपुरी ब्लॉक में तैनात शिक्षकों की है, जबकि नगर क्षेत्र के विद्यालयों में शिक्षकों की अर्से से कमी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 51 प्राथमिक और 84 उच्च प्राथमिक विद्यालय शिक्षक विहीन हैं। शिक्षकों द्वारा दिए गए आवेदनों में हाल के प्रवेश अभियान के बाद छात्र संख्या बढ़ने, नए नामांकन होने तथा विद्यालय में शिक्षकों की आवश्यकता का हवाला दिया गया है।

बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार पहले विद्यालयवार शिक्षकों की उपलब्धता और आवश्यकता का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में कम से कम दो तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय में न्यूनतम तीन शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

नगर के स्कूलों में अब है शिक्षकों का संकट

210 प्राथमिक विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे।

51 प्राथमिक विद्यालय शिक्षकविहीन।

84 उच्च प्राथमिक विद्यालय में कोई शिक्षक नहीं।

15 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में केवल एक शिक्षक कार्यरत।

 



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