अयोध्या में दिगंबर अखाड़ा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर आंदोलन को याद करते हुए इतिहास, विभाजन और संभल के हरिहर मंदिर प्रकरण को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतिहास केवल पढ़ने और परीक्षा में प्रश्नों का उत्तर देने का माध्यम नही, बल्कि उससे प्रेरणा लेने और अतीत की गलतियों से सबक सीखने का माध्यम भी है।

सीएम ने कहा कि 1526 में आज से 500 वर्ष पहले आज के संभल में श्री हरिहर मंदिर को तोड़कर एक गुलामी का ढांचा खड़ा कर दिया गया। अगर 1526 में उसका प्रतिकार एकजुट होकर संभल में हुआ होता, तो वर्ष 1528 में अयोध्या में उसे दोहराने का दुस्साहस कोई नहीं करता। मात्र दो वर्ष में अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर को क्षतिग्रस्त करने के साथ सनातन धर्मावलंबियों को अपमानित करते हुए गुलामी का ढांचा खड़ा किया गया। वहीं, 14 अगस्त 1947 को आजादी के एक दिन पहले केवल हिंदू और सिख ही नहीं कटे थे, भारत भी कटा था।

आज संभल बदल चुका है, अब दंगा नहीं शांति-सौहार्द का माहौल

सीएम ने कहा कि 2024 में संभल दंगाइयों को चिन्हित कर कार्रवाई करते हुए हालात नियंत्रित किए गए। जांच में पता चला कि संभल में केवल हरिहर मंदिर ही नहीं है, वहां 67 तीर्थ, 19 कूप और 10 हजार एकड़ भूमि पर भी कब्जा हो गया था। इसे कब्जा मुक्त कराया गया। अब खाली भूमि का वहां के गरीबों, दलितों व कमजोर वर्ग के लोगों को आवंटन किया जा रहा है। वहां जिला मुख्यालय का निर्माण भी किया जा रहा है। आज संभल बदल चुका है। अब वहां दंगा नहीं होता है। शांति व सौहार्द का माहौल है।



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