Rising cases of blood-borne hepatitis infections in west and waterborne infections in eastern region

हेपेटाइटिस का संक्रमण (सांकेतिक)
– फोटो : Freepik.com

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उत्तर प्रदेश में हेपेटाइटिस-बी और सी का संक्रमण चुपचाप पैर पसार रहा है। प्रदेश के कुल हेपेटाइटिस-बी और सी मरीजों में करीब 39 प्रतिशत अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18 जिलों से हैं। दूसरी ओर आईसीएमआर के हालिया अध्ययन के मुताबिक, पूर्वांचल और तराई में मानसून के दौरान दूषित पेयजल, जलभराव और सीवेज मिश्रित पानी के कारण हेपेटाइटिस-ए और ई का खतरा बढ़ गया है। बहराइच, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, महराजगंज और गोरखपुर के तराई क्षेत्रों में दूषित पेयजल और बाढ़ के दौरान संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ते देखे गए हैं।


अंडर-डायग्नोसिस बढ़ा रहा खतरा

सबसे बड़ी चिंता यह है कि समय पर जांच न होने से बड़ी संख्या में मरीजों को संक्रमण का पता तब चलता है, जब बीमारी लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी गंभीर अवस्था में पहुंच चुकी होती है। 

स्रोत: राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम एवं विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी में हेपेटाइटिस संक्रमित मरीजों में 54% पुरुष और 46% महिलाएं हैं। नए ट्रेंड के मुताबिक 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवा इसकी चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। जिससे जाहिर है कि संक्रमण सबसे ज्यादा कामकाजी उम्र की आबादी को अपनी चपेट में ले रहा है।



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