आईएमएस बीएचयू के कार्डियोथोरेसिक विभाग के इमेरिटस प्रोफेसर डॉ. टीके लहरी को थप्पड़ मारने की घटना के सामने आने के बाद बीएचयू प्रशासन की मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनके चेहरे पर अब भी निशान हैं। आंखों में लाल निशान भी ठीक नहीं हुई है। बयान जारी कर बीएचयू प्रशासन ने डॉ. लहरी को सिनाइल डिमेंशिया, व्यवहार परिवर्तन जैसी मानसिक बीमारियों से ग्रसित बताया है। इस पर सपा नेताओं ने सवाल उठाए हैं।


महानगर अध्यक्ष दिलीप डे ने डॉ. लहरी से बांग्ला भाषा में बातचीत कर हाल पूछा। बताया कि जिस तरह से वह बातचीत कर रहे थे, कहीं से किसी तरह मानसिक रूप से ग्रसित नहीं लग रहे थे। इसी तरह की बात आईएमएस के प्रोफेसर ने भी उनसे मुलाकात के बाद कही। रिपोर्ट पर डॉ. लहरी के परिजनों ने भी आपत्ति जताई है।

इसे भी पढ़ें; डॉ. टीके लहरी मामला: सफाई के लिए बलपूर्वक रोका था, इसके अलावा कोई रास्ता नहीं था; आरोपी डॉक्टर ने कही ये बात

बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के पांचवें तल पर आईसीयू में बेड नंबर 2 पर भर्ती डॉ. टीके लहरी को गाली देने, थप्पड़ मारने का आरोप उन्हीं के विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद पांडेय पर लगाते हुए परिजनों ने इसकी शिकायत बीएचयू प्रशासन से ईमेल से की। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद यूपी सरकार के राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी सहित कई जनप्रतिनिधि बीएचयू पहुंचे और डॉ. लहरी के सेहत का हाल जाना। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें