जालौन। कुठौंदा बुजुर्ग गांव में मंगलवार सुबह खेतों में जंगली जानवर दिखाई देने से किसानों और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। किसानों ने जानवर को तेंदुआ बताते हुए इसकी सूचना यूपी 112 और वन विभाग को दी। वन विभाग के कर्मचारियों ने तेंदुए के बजाय लकड़बग्घा होने की आशंका जताई है।
मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कुठौंदा बुजुर्ग गांव के आसपास खेतों में कुछ किसान काम कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर खेतों की ओर घूम रहे एक जंगली जानवर पर पड़ी। जानवर की कद-काठी और गतिविधियों को देखकर किसानों को उसके तेंदुआ होने का संदेह हुआ। देखते ही देखते खेतों में काम कर रहे किसानों के बीच अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने आसपास मौजूद ग्रामीणों को भी इसकी जानकारी दी।
जंगली जानवर दिखाई देने की खबर गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने यूपी 112 को सूचना देने के साथ वन विभाग को भी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर डिप्टी रेंजर मुबारक अली टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से जानवर के दिखाई देने वाले स्थान और उसके हुलिये के बारे में जानकारी ली।
इसके बाद वन विभाग की टीम ने खेतों, मेड़ और आसपास के इलाके में काफी देर तक खोजबीन की। टीम ने मौके पर मिले पैरों के निशानों का भी निरीक्षण किया। ग्रामीणों द्वारा बताए गए जानवर के आकार और कद-काठी का मिलान करने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने प्रारंभिक तौर पर उसके तेंदुआ होने से इन्कार करते हुए लकड़बग्घा होने की आशंका जताई।
जानवर मिलने पर होगी वास्तविक पहचान
वन विभाग की टीम का कहना है कि फिलहाल जानवर के लकड़बग्घा होने की आशंका है। हालांकि जब तक जानवर सामने नहीं आता, उसकी वास्तविक पहचान की पुष्टि नहीं की जा सकती। टीम क्षेत्र में निगरानी करते हुए उसकी तलाश में जुटी हुई है।

फोटो -13 मौके पर जुटी लोगों की भीड़। संवाद
