आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी, लिवर, हृदय और फेफड़ों के ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलेगी। इसके लिए इंटीग्रेटेड प्लान के तहत बहुमंजिला भवनों का निर्माण हो रहा है। संबंधित रोगों के लिए आधुनिक ऑपरेशन थिएटर बनने के साथ ही विशेषज्ञों की नियुक्ति और एडवांस मशीनों-उपकरणों की खरीद होगी। पहले चरण में किडनी-लिवर और दूसरे चरण में हृदय-फेफड़े के ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होगी। 2030 तक ये योजना पूरी हो जाएगी।
मिनी एम्स की तर्ज पर एसएन का मेडिकल कॉलेज 70 एकड़ में विकसित हो रहा है। इसके तहत 15 नए बहुमंजिला भवन बनाए जा रहे हैं। पहले चरण में पांच विभागों के एडवांस सेंटर बन रहे हैं। अगले साल तक ये तैयार हो जाएंगे। इनमें किडनी-लिवर ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने की योजना है। इसके लिए आधुनिक मशीनें, उपकरण लगाए जाएंगे। विशेषज्ञों की भी नियुक्ति होगी।
दूसरे चरण में हृदय-फेफड़ों के ट्रांसप्लांट की व्यवस्था की जाएगी। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि दो चरणों में मेडिकल कॉलेज में एम्स जैसी चिकित्सकीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। 2027 में किडनी-लिवर के ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने की उम्मीद है। दूसरे चरण में हृदय और फेफड़ों का ट्रांसप्लांट की योजना है। इसके लिए एआई की भी मदद ली जाएगी।
सभी भवनों की होगी एयर कनेक्टिविटी
प्राचार्य ने बताया कि परियोजना में 15 बहुमंजिला भवनों की एयर कनेक्टिविटी होगी। इससे मरीजों को जरूरत पर दूसरे विभाग में आसानी से शिफ्ट किया जा सकेगा। चिकित्सकीय स्टाफ के लिए भी आवागमन में आसानी होगी। इससे चिकित्सकीय सेवाएं बेहतर होंगी।
एसएन में बनेंगे ये महत्वपूर्ण विभाग
प्राचार्य ने बताया कि एसएन में परियोजना के तहत क्रिटिकल केयर यूनिट, ट्राॅमा एंड इमरजेंसी ब्लॉक, मेडिसिन एंड मेडिसिन एलाइड ब्लॉक, सर्जरी एलाइड ब्लॉक, कैंसर रोग ब्लॉक, बाल रोग ब्लॉक समेत अन्य महत्वपूर्ण विभागों के लिए भवन बनाए जा रहे हैं। दूसरे चरण के नए भवनों के लिए डीपीआर भी बनाई जा रही है। परियोजना पूरी होने के बाद कॉलेज में 2600 से अधिक बेड हो जाएंगे।
