गृहकर और संपत्तिकर के पुराने बकाए खत्म करने के लिए नगर निगमों के लिए लाई गई एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का फायदा नहीं मिल पा रहा है। ऑनलाइन व्यवस्था न होने के कारण समस्या बढ़ गई। निगम के जोनल ऑफिस और काउंटरों पर पहुंचने पर ओटीएस की रकम का ब्योरा तक उन्हें नहीं मिल पा रहा है।
15 अगस्त से प्रदेश सरकार ने सभी नगर निगमों के लिए गृहकर बकाया जमा करने के लिए एकमुश्त समाधान योजना पेश की है। 15 दिसंबर तक इसका फायदा उठाया जा सकता है। पांच साल पहले आगरा नगर निगम को 125 करोड़ रुपये का बकाया इस योजना में मिल गया था। ऐसे में इस बार भी बकाया टैक्स वसूलने के लिए इस योजना का सहारा है।
नगर निगम की वेबसाइट पर ओटीएस का विकल्प ही नहीं रखा गया, जबकि प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से इसे लागू करने के निर्देश दिए थे। ऑफलाइन तो काउंटर पर यह व्यवस्था लागू है, लेकिन लोग अपने घर बैठे ही पिछली बार की तरह ओटीएस का फायदा लेना चाहते हैं।
पार्षद संजय राय ने कहा कि नगर निगम की साइट पर ओटीएस का डाटा ही नहीं दिया गया है, ऐसे में स्क्रीन पर लोगों को विकल्प ही नहीं मिल पा रहा। जब तक आइकॉन नहीं रखा जाएगा, तब तक लोग इसे भरेंगे नहीं।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि वेबसाइट में तकनीकी कारणों से ओटीएस का विकल्प नहीं जुड़ पाया है। यह समस्या दूर करने का प्रयास हो रहा है।
