आगरा के ताजगंज के चौपाटी में जिपलाइन हादसे जांच के लिए विकास प्राधिकरण ने कमेटी बनाई थी। पुलिस अब कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। इस पर एडीए अधिकारियों से ठेका देने के नियम और शर्तों की जानकारी मांगी गई है।
24 मई को जिपलाइन में हादसा हुआ था। फिरोजाबाद के उत्तर थाना क्षेत्र निवासी पंकज अग्रवाल पत्नी और दो बेटों के साथ आगरा घूमने आए थे। मॉल में पिक्चर देखने के बाद ताजगंज के चौपाटी स्थित जिपलाइन में बच्चों को झूला झुलाने के लिए लेकर गए थे। 16 वर्षीय बेटे कुणाल को जिपलाइन पर कर्मचारियों ने सवार कर दिया था। लाॅक टूटने की वजह से कुणाल नीचे गिर गया था। फर्श से माथा टकराने की वजह से उसकी मृत्यु हो गई थी।
मामले में पिता की शिकायत पर गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने सुरक्षा प्रभारी अभिषेक और मैनेजर संतोष कुमार को गिरफ्तार किया था। कंपनी के मालिक को भी आरोपी बनाया गया है लेकिन अब तक पुलिस मालिक का नाम तक पता नहीं कर सकी है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि जिपलाइन का संचालन दिल्ली की कंपनी कर रही थी।
एडीए ने कंपनी को किस नियम और शर्तों के आधार पर ठेका दिया था। जिपलाइन के नीचे जाल लगा होना चाहिए। जाल न होने की स्थिति में गद्दे लगाए जाने चाहिए। हेलमेट ठीक से पहनाया जाना चाहिए। ऐसे कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। इसके साथ पहले किसी निरीक्षण की रिपोर्ट भी देने के लिए कहा गया है।
