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आगरा की अदालत ने बहन की हत्या के दोषी ललित उर्फ निक्कू को फांसी की सजा सुनाते हुए कहा कि चेहरे पर तीन गोलियां मारना अत्यंत क्रूर मानसिकता को दर्शाता है। कोर्ट ने इसे विरलतम अपराध मानते हुए टिप्पणी की कि आरोपी के भीतर अपनी बहन के प्रति वर्षों से भरी नफरत साफ दिखाई देती है।
शाहगंज में साढ़े तीन साल पहले बहन पूनम की हत्या के आरोपी ललित चाैधरी उर्फ निक्कू को मंगलवार को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। संपत्ति के विवाद में हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। दोषी निक्कू सुपारी किलर रहे ओपी-लाला का भतीजा है। उसने भाभी पर भी गोली चलाई थी। हत्या के प्रयास की धारा में भी उसे कोर्ट ने आजीवन कारावास और आयुध अधिनियम में सात साल की सजा सुनाई। साथ ही 4.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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पुलिस गिरफ्त में निक्कू
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एडीजे-पंचम मृदुल दुबे की कोर्ट ने अपने फैसले में तल्ख टिप्पणी करते हुए लिखा कि दोषी ने बहन की छह गोली मारकर निर्मम हत्या की है। कोई भी व्यक्ति अपनी बहन के चेहरे पर इतनी गोलियां नहीं मार सकता। ऐसा कार्य वह व्यक्ति ही कर सकता है, जिसके अंदर मानवता के लिए जहर भरा हो। भाभी पर भी जानलेवा हमला किया। यह विलरतम अपराध की श्रेणी में आता है। गर्दन में फंदा लगाकर तब तक लटकाया जाए, जब तक उसकी मौत न हो जाए।
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वारदात वाला घर ( फाइल फोटो)
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना 26 नवंबर 2022 की है। शाहगंज के जोगीपाड़ा निवासी नीलू चौधरी ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि घटना वाले दिन सुबह 10 बजे अपनी ननद पूनम चौधरी के साथ घर पर ही थीं। घर के बाहर दुकान पर ताला लगा रही थीं। तभी देवर ललित चौधरी उर्फ निक्कू आ गया। उसने कहा कि दुकान पर ताला क्यों लग रही हो। उन्होंने कहा कि यह तो हमारा हक है, तुम पूरी दुकानों का किराया लेते हो और हमें कुछ नहीं देते, इसलिए मैं ताला लगा रही हूं।
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वारदात वाला घर ( फाइल फोटो)
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ललित ने ताला लगाने का विरोध करते हुए कहा कि अभी कुछ नहीं दूंगा। कोर्ट से जाकर मांग लो। इसके बाद भी उन्होंने ननद के साथ मिलकर ताला लगा दिया। इससे गुस्से में आए निक्कू ने बहन पूनम के ऊपर गोलियां चला दीं, जिनमें से 6 गोली उसे लगीं। सातवीं गोली नीलू के हाथ में लगी। पूनम की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी ललित चौधरी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने हत्या, हत्या का प्रयास और आयुध अधिनियम के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। 28 नवंबर 2022 को आरोपी ललित को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था और पिस्टल बरामद की थी। कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया था।
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बरामद पिस्टल
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी फिरोजाबाद जेल में बंद है। मुकदमे में अभियोजन पक्ष की तरफ से वादी नीलू चौधरी, राकेश कुमार, ब्रह्मचंद गोस्वामी, डॉ. विशाल उपाध्याय, डॉ. विनय गोयल सहित 10 गवाह अदालत में पेश किए गए। बचाव पक्ष से साधना श्रीवास्तव और लखन गोस्वामी की गवाही दर्ज हुई। उन्होंने कहा कि गोलियां चलने की आवाज सुनकर वह घटना स्थल पर पहुंचे थे लेकिन निक्कू मौजूद नहीं था। दो अज्ञात युवक हाथ में हथियार लेकर भाग रहे थे। अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को सही मानते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई। सजा के बाद निक्कू को वापस फिरोजाबाद जेल भेज दिया गया।