उत्तर प्रदेश में लागू की गई बिजली राहत योजना को आगरा में टोरंट पॉवर लागू नहीं कर रही है। उसने पत्र भेजकर असमर्थता जताई है। प्रतिपूर्ति का विकल्प पूछा है। ऐसे में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष ने शुक्रवार को निजीकरण प्रस्ताव के साथ ही टोरंट का करार भी रद्द करने की मांग की है।

कंपनी के उपाध्यक्ष संजय कुमार ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम से भेजे गए पत्र में कहा कि टोरंट पॉवर कंपनी उपभोक्ताओं से बकाया राशि की वसूली के लिए व्यापक प्रयास करना जारी रखे हुए है। बिना किसी स्पष्ट प्रतिपूर्ति तंत्र के ऐसी छूट हमारे लिए वित्तीय रूप से संभव नहीं है। 

कंपनी ने कहा- प्रतिपूर्ति अनुमन्य है तो बताएं

टोरंट ने पत्र में यह भी कहा है कि स्पष्ट करें कि क्या टोरंट पॉवर को माफ की गई राशि के लिए प्रतिपूर्ति मिलेगी। यदि प्रतिपूर्ति अनुमन्य है, तो उसको दावा करने की विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी दी जाए। चूंकि यह योजना एक दिसंबर से प्रभावी हो रही है, इसलिए शीघ्र उत्तर दें।

इसकी जानकारी मिलते ही शुक्रवार को संघर्ष समिति ने निजीकरण के साथ ही टोरंट का भी विरोध शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर टोरंट पॉवर से हुए करार को रद्द करने की मांग की है। 

निजी कंपनियों की हकीकत आई सामने- संघर्ष समिति

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली बिल राहत योजना 2025 को लागू करने में टोरंट पॉवर कंपनी का यह रवैया उपभोक्ताओं के लिए बहुत ही घातक है। इससे उपभोक्ताओं के प्रति निजी कंपनियों का रवैया स्पष्ट दिखाई देता है। ऐसे में निजीकरण प्रस्ताव का विरोध तेज किया जाएगा, क्योंकि टोरंट के जरिये निजी कंपनियों की हकीकत सामने आ चुकी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *