Shamli । भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने संगठनात्मक विस्तार के तहत जनपद शामली में नई नियुक्ति की है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने वकील चौहान को शामली का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। संगठन की ओर से इसे शामली जिले में यूनियन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है।
वकील चौहान इससे पहले भी भारतीय किसान यूनियन (तोमर) में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर के अनुसार वह करीब चार वर्षों तक प्रदेश महासचिव के पद पर काम कर चुके हैं। इसके बाद वह करीब एक वर्ष के लिए दूसरे संगठन से जुड़ गए थे। अब उन्होंने दोबारा भाकियू (तोमर) में वापसी की है।
चार साल प्रदेश महासचिव रह चुके हैं वकील चौहान
राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने वकील चौहान की नियुक्ति की जानकारी देते हुए बताया कि उनका संगठन के साथ पहले से जुड़ाव रहा है। वह करीब चार वर्षों तक प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
संगठन के मुताबिक बीच में वकील चौहान करीब एक वर्ष के लिए दूसरे संगठन में चले गए थे। वहां काम करने के दौरान सामने आई परिस्थितियों और नीतियों से असंतुष्ट होने के बाद उन्होंने दोबारा भाकियू (तोमर) में शामिल होने का फैसला किया।
इसके बाद अब उन्हें शामली जिले की संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शामली जिलाध्यक्ष बनाए गए वकील चौहान
वकील चौहान को शामली जिलाध्यक्ष बनाए जाने के साथ ही संगठन ने जिले में अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उन्हें दी है। नियुक्ति के बाद उन्होंने संगठन और किसानों से जुड़े मुद्दों पर काम करने की बात कही।
उनकी नियुक्ति को लेकर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में चर्चा हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने भी संगठन को मजबूत करने और किसानों से जुड़े मुद्दों को आगे रखने पर जोर दिया।
वकील चौहान बोले- किसानों के हितों के लिए काम करेगा संगठन
नवनियुक्त शामली जिलाध्यक्ष वकील चौहान ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (तोमर) किसानों के हितों के लिए काम करने वाला संगठन है। उन्होंने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वह किसानों और आमजन की मदद के लिए लगातार उपलब्ध रहते हैं।
वकील चौहान ने अपनी नई जिम्मेदारी मिलने के बाद संगठन को जिले में सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठनात्मक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने का भी आह्वान किया।
7 अक्टूबर की महापंचायत में शामली से किसानों की भागीदारी का ऐलान
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष वकील चौहान ने आगामी 7 अक्टूबर को आयोजित होने वाली ‘किसान बचाओ और देश बचाओ महापंचायत’ का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि इस महापंचायत में जनपद शामली से बड़ी संख्या में किसान भाग लेंगे। संगठन की ओर से इस आयोजन को लेकर जिले में किसानों से संपर्क और भागीदारी की तैयारी की बात कही गई है।
महापंचायत में कितनी संख्या में किसान शामिल होंगे, यह आयोजन के समय वास्तविक भागीदारी से ही स्पष्ट होगा। फिलहाल संगठन की ओर से शामली से अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी का दावा किया गया है।
संगठन विस्तार पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का फोकस
भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर की ओर से संगठन के विस्तार और अलग-अलग जिलों में पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। शामली में वकील चौहान की नियुक्ति भी इसी संगठनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा बताई गई है।
पुराने पदाधिकारी के दोबारा संगठन में लौटने के बाद उन्हें जिले की कमान सौंपना संगठन के लिए महत्वपूर्ण नियुक्ति मानी जा रही है। अब वकील चौहान के सामने शामली में संगठन की गतिविधियों को व्यवस्थित करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की जिम्मेदारी होगी।
कौन-कौन रहे मौजूद?
वकील चौहान की नियुक्ति के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिनिधि पवन त्यागी, जिलाध्यक्ष निखिल चौधरी, महिला मोर्चा अध्यक्ष रजनी शर्मा और कार्यकारिणी जिलाध्यक्ष हनी बालियान प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा आशु चौधरी, सोनू शमरिया, अली आरिफ चौधरी, आसिफ चौधरी, नौशाद, साऊद और हसन भी मौजूद रहे।
पदाधिकारियों ने वकील चौहान को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की बात कही।
शामली में किसानों के बीच संगठन को सक्रिय करने की तैयारी
शामली पश्चिमी उत्तर प्रदेश का ऐसा जिला है जहां कृषि और किसानों से जुड़े मुद्दे स्थानीय सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका रखते हैं। ऐसे में भाकियू (तोमर) की ओर से जिलाध्यक्ष की नई नियुक्ति के बाद संगठन की स्थानीय गतिविधियों पर भी ध्यान रहेगा।
वकील चौहान पहले संगठन में प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब उन्हें जिला स्तर पर संगठन का नेतृत्व करना है। आगामी महापंचायत को लेकर उनकी पहली बड़ी जिम्मेदारियों में शामली से किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी भी शामिल बताई गई है।
‘घर वापसी’ के बाद नई जिम्मेदारी, अब शामली पर नजर
वकील चौहान की वापसी को संगठन ने ‘घर वापसी’ के तौर पर प्रस्तुत किया है। संगठन के अनुसार उन्होंने पहले चार वर्षों तक भाकियू (तोमर) में प्रदेश महासचिव के रूप में काम किया था और एक वर्ष दूसरे संगठन में रहने के बाद दोबारा यहां लौटे हैं।
अब नई जिम्मेदारी के साथ उनकी भूमिका प्रदेश महासचिव के बजाय शामली जिले के संगठनात्मक नेतृत्व की होगी। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह जिले में संगठन के विस्तार, कार्यकर्ताओं के समन्वय और किसान कार्यक्रमों में किस तरह भूमिका निभाते हैं।
7 अक्टूबर के आयोजन पर रहेगी नजर
शामली जिलाध्यक्ष के रूप में वकील चौहान ने अपनी पहली प्रमुख घोषणाओं में 7 अक्टूबर की ‘किसान बचाओ और देश बचाओ महापंचायत’ में जिले से किसानों की भागीदारी की बात कही है।
ऐसे में अब संगठन की स्थानीय गतिविधियों के साथ-साथ इस महापंचायत की तैयारियों पर भी कार्यकर्ताओं का ध्यान रहेगा। संगठन की ओर से किसानों की भागीदारी को लेकर संपर्क अभियान चलाए जाने की बात कही गई है।
भाकियू (तोमर) ने शामली में संगठनात्मक जिम्मेदारी में बदलाव करते हुए वकील चौहान को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। संगठन के अनुसार वकील चौहान पहले चार वर्षों तक प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी निभा चुके हैं और करीब एक वर्ष दूसरे संगठन में रहने के बाद दोबारा भाकियू (तोमर) में लौटे हैं। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने 7 अक्टूबर की ‘किसान बचाओ और देश बचाओ महापंचायत’ में शामली से बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी की बात कही है।
