राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर आयोजित किसान मजदूर महापंचायत में भाकियू टिकैत ने किसान हितों के लिए संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। प्रदेश में सिलसिलेवार किसान पंचायतें होंगी। नए पेराई सत्र में गन्ने का मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल मांगा। फसलों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार एमएसपी की कानूनी गारंटी एवं सरकारी खरीद कानून बनाए जाने तक संघर्ष का एलान किया गया।

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पंचायत में मौजूद किसान।
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संगठन की ओर से पहली बार रात के समय बुलाई गई पंचायत में दूर-दराज से आए किसान और मजदूर शामिल हुए। गन्ने के भाव का मुद्दा गूंजता रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम 16 और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम 15 सूत्री मांगपत्र भेजा गया।

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महापंचायत में मंच पर नरेश टिकैत, राकेश टिकैत और अन्य।
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भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत और प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत की मौजूदगी में आयोजित पंचायत में लंबित गन्ना भुगतान ब्याज सहित तत्काल कराने की मांग रखी। किसानों एवं कृषि मजदूरों के लिए संपूर्ण ऋण माफी योजना लागू की जाए और ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाए।

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तिरंगा लहराते हुए आए किसान।
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कृषि कार्य हेतु निशुल्क बिजली तथा सभी घरेलू एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को 300 यूनिट निशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाए। बिजली बिल 2025, स्मार्ट मीटर व्यवस्था एवं बिजली निजीकरण की प्रक्रिया वापस ली जाए। किसानों एवं मजदूरों के हितों के विरुद्ध चारों श्रम संहिताएं, बीज विधेयक, राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति और राष्ट्रीय सहकारिता नीति वापस ली जाए। डीएपी, यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, सब्सिडी बहाल की जाए।

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पकौड़ियों पर टूट पड़े।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की व्यापक समीक्षा कर सार्वजनिक क्षेत्र आधारित पारदर्शी फसल एवं पशुधन बीमा व्यवस्था लागू की जाए। वीबी जीराम जी के अंतर्गत 200 दिन का रोजगार तथा न्यूनतम 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित की जाए। बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि, भूस्खलन, ओलावृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर प्रभावित किसानों, बंटाईदारों एवं कृषि मजदूरों को समुचित मुआवजा दिया जाए। भूमि अधिग्रहण, बेदखली एवं बुलडोजर कार्रवाई किसानों एवं ग्रामीण परिवारों के पुनर्वास के बिना न की जाए तथा भूमि अधिग्रहण कानून-2013 का सख्ती से पालन कराया जाए।
