महंगाई की आशंका को दरकिनार करते हुए इस धनतेरस बाजार में जमकर धनवर्षा हुई। बाजारों में महीने के पहले हफ्ते यानी वेतन का असर दिखाई दिया और नौकरीपेशा लोगों ने दिवाली की अगवानी के लिए खुलकर खर्च किया। व्यापारिक संगठनों के अनुसार उत्तर प्रदेश में धनतेरस पर करीब 27 हजार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। इसमें अकेले 10 हजार करोड़ से ज्यादा की खरीदारी सर्राफा बाजारों में हुई। पिछले साल इस दिन करीब 24 हजार करोड़ की बिक्री हुई थी। एक दिन में लगभग 14500 से ज्यादा प्रापर्टी की रजिस्ट्री भी की गईं।
कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स के मुताबिक यूपी में सोना-चांदी के अलावा बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स, होम डेकोर, मिठाई और अन्य पारंपरिक वस्तुओं की भी भारी मांग रही। हालांकि महंगी कीमतों के चलते हल्के वजन के गहने ज्यादा खरीदे। बाजार में 14 कैरेट और 18 कैरेट के सोने के गहनों की बिक्री में 25 फीसदी से ज्यादा वृद्धि हुई। कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स के यूपी प्रमुख पंकज अरोड़ा ने बताया कि सोने-चांदी में रिकार्ड महंगाई के बावजूद इसके मोहपाश में कोई कमी नहीं आई। सराफा बाजारों में छाई रौनक ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भरोसे की कसौटी पर सोने का कोई प्रतिद्दंदी नहीं है। प्रदेश में करीब 8000 पंजीकृत और 30 हजार से ज्यादा अपंजीकृत सराफा व्यापारियों ने लगभग 8000 करोड़ का सोना-चांदी बेचा।
स्थानीय स्तर पर बने सामान यानी ओडीओपी की मांग में इजाफा हुआ। त्योहारी जोश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुबह से देर रात तक लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, नोएडा, आगरा और गोरखपुर सहित सभी जिलों में बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं थी। वहीं छोटे जिलों में भी त्योहारी जाम और उल्लास छाया रहा।
इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल्स की खूब खरीदारी
एसी, फ्रिज, टीवी, वॉशिंग मशीन और मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की बिक्री ने भी रिकॉर्ड तोड़ा। यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्टि्रकल एसोसिएशन के अध्यक्ष आर के मेहरोत्रा के मुताबिक लगभग 4,500 करोड़ के इलेक्ट्रानिक उत्पाद और 2500 करोड़ के पंखे, गीजर, सजावटी लाइटिंग और अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरणों की खरीदारी दर्ज की गई।

