पूरे देश में लखनऊ की हवा सबसे साफ है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण (वायु गुणवत्ता सुधार)- 2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ एक बार फिर देश में अव्वल रहा। सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के 16 शहरों ने विभिन्न श्रेणियों में जगह बनाई है। सर्वेक्षण में लखनऊ के बाद इंदौर दूसरे और जबलपुर तीसरे नंबर पर रहा।
पिछले वर्ष 15वें स्थान पर रहे लखनऊ ने 14 पायदान की छलांग लगाते हुए इस साल यह सफलता हासिल की है। यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, वायु गुणवत्ता सुधार और नगरीय व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। दिल्ली में सोमवार को पर्यावरण भवन में हुए कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल ने पुरस्कार ग्रहण किया। नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौजूद रहे। पुरस्कार के तौर पर लखनऊ को डेढ़ करोड़, इंदौर को एक करोड़ और जबलपुर को 50 लाख रुपये की राशि मिली।
सुषमा खर्कवाल ने कहा कि वायु प्रदूषण कम करने और शहर की हवा को स्वच्छ बनाने के लिए लगातार किए गए प्रयासों से यह सफलता मिली है। नगर निगम ने इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल के साथ सड़क की धूल कम करने और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के क्षेत्रों में काम किया। साथ ही हरियाली बढ़ाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बड़े स्तर पर काम किए गए। उन्होंने इसे लखनऊ की जनता की उपलब्धि बताई।
दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी
लखनऊ ने देश में पहला, आगरा ने चौथा, गाजियाबाद ने नौवां, कानपुर ने ग्यारहवां, प्रयागराज ने तेरहवां और मेरठ ने 22वां स्थान प्राप्त किया है।
3 लाख से 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी
फिरोजाबाद ने दूसरा, झांसी ने पांचवां, मुरादाबाद और नोएडा ने आठवां, गोरखपुर ने बाइसवां और बरेली ने छब्बीसवां स्थान प्राप्त किया।
