ललितपुर। समीपवर्ती मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में ललितपुर से नकली शराब की सप्लाई की बात सामने आने के बाद भी जिले में अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग सका है। सोमवार को शहरी क्षेत्र में संचालित कई कच्ची शराब के अड्डों पर बेखौफ बिक्री होती रही। सागर की घटना के बाद भी इन ठिकानों पर खुलेआम शराब की बिक्री होना आबकारी विभाग की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है।
जनपद में कच्ची शराब बनाने और बेचने का कारोबार केवल कबूतरा डेरों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई गांवों में भी इसके अड्डे संचालित होने की बात सामने आती रही है। शहरी क्षेत्र में भी अलग-अलग स्थानों पर कच्ची शराब की बिक्री होती है। कई जगह गुमटियों, किराना दुकानों और हाईवे किनारे स्थित होटल-ढाबों के आसपास भी अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें हैं।
जानकारी के बाद भी कार्रवाई का असर नहीं
अवैध शराब के इन ठिकानों की जानकारी आबकारी विभाग को होने के बावजूद कार्रवाई का असर स्थायी तौर पर दिखाई नहीं देता। विभाग छापेमारी और मुकदमे दर्ज करने का दावा करता है, लेकिन कार्रवाई के कुछ समय बाद कई स्थानों पर फिर से कारोबार शुरू हो जाता है। सागर में जहरीली शराब से मौतों के बाद ललितपुर से नकली शराब की सप्लाई के आरोप सामने आने के बीच सोमवार को कच्ची शराब के अड्डों पर बिक्री जारी रहना गंभीर सवाल खड़े करता है।
शहर में यहां संचालित हैं कच्ची शराब के अड्डे
शहरी क्षेत्र में मसौरा बैरियर के पास हाईवे ब्रिज के नीचे, हाईवे-44 किनारे गोविंद सागर बांध के सामने, कैलगुवां चौराहा बाईपास, हाईवे-44 पर आरएमवी कॉलेज के समीप, कैलगुवां रोड पर कब्रिस्तान के पास, पिसनारी में छोटी नहर के समीप, सिद्धनपुरा और हवाई पट्टी के पास कच्ची शराब के अड्डे संचालित होने की बात सामने आई है। इसके अलावा हाईवे किनारे स्थित कुछ होटल-ढाबों और गुमटियों पर भी कच्ची शराब की बिक्री होने की शिकायतें हैं। इन स्थानों पर दिन-रात बिक्री होने की बात कही जा रही है।
मार्च से अब तक 950 मुकदमे, 39 हजार लीटर शराब बरामद
आबकारी विभाग के अनुसार मार्च से अब तक अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 950 मामले दर्ज किए गए हैं। इस दौरान करीब 39 हजार लीटर कच्ची शराब बरामद की गई, जबकि 74 हजार लीटर लहन नष्ट कराया गया।
कच्ची शराब के खिलाफ टीम बनाकर अभियान चलाया जाएगा। शहरी क्षेत्र और हाईवे किनारे संचालित कच्ची शराब के अड्डों को बंद कराया जाएगा। अवैध रूप से कच्ची शराब का निर्माण और कारोबार करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
सुरेंद्र कुमार, जिला आबकारी अधिकारी
