681 प्रमुख मार्गों पर विशेष फोकस
आगामी पर्वों को देखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा के दौरान अधिक आवागमन वाले मार्ग शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त और बेहतर स्थिति में रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गड्ढामुक्ति अभियान सिर्फ पैचवर्क तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जहां तत्काल मरम्मत की जरूरत है, वहां सड़क को पहले आवागमन योग्य बनाया जाए और बरसात के बाद उसकी जरूरत के अनुसार स्थायी मरम्मत या नवीनीकरण कराया जाए।
4.36 लाख किमी सड़कों की समीक्षा
बैठक में बताया गया कि नौ विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर मार्ग हैं। मौजूदा गड्ढामुक्ति अभियान के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर सड़कों को बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 5,751 किलोमीटर मार्गों पर काम पूरा हो चुका है।
क्षतिग्रस्त सड़कों के सर्वे के बाद विभागवार लक्ष्य अंतिम रूप से तय किए जाएंगे। अतिवृष्टि के अलावा एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे की निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से भी कई सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी गई। इनका विभागवार सर्वे कराया जा रहा है।
स्कूल-अस्पताल और बाजारों की सड़कें पहले सुधरें
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अधिक जन आवागमन वाले अन्य स्थानों की सड़कों को प्राथमिकता पर लिया जाए। इन स्थानों पर मरम्मत कार्य तत्काल शुरू कराया जाए और सड़क को बिना देरी आवागमन योग्य बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को काम में तेजी के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
