वृंदावन के राजकीय बाल गृह (बालिका) से भागी किशोरी का दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस किशोरी के गृह जनपद औरेया में उसके परिजन से संपर्क में है। नाै महीने पहले स्थापित हुए बाल गृह में चाैथी वारदात होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों ने वहां पर किशोरियों की सुरक्षा के लिए अस्थायी पुलिस चाैकी स्थापित करने की तैयारी कर ली है।

बाल गृह (बालिका) में बुधवार को दोपहर करीब 1:30 बजे एक युवक सिलिंडर लेकर पहुंचा था। उसे अंदर लेते समय कर्मचारी दरवाजा बंद करना भूल गए। इसका फायदा उठाकर किशोरी दोपहर करीब 3:00 बजे वहां से निकल गई। शाम को किशोरी के भागने की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक महकमे में अफरातफरी मच गई। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और किशोरी की फोटो के आधार पर लोगों से पूछताछ कर उसकी तलाश शुरू कर दी।

किशोरी का कहीं पता नहीं चलने पर उसके गृह जनपद औरेया की पुलिस से संपर्क किया गया। औरेया पुलिस थाना दिवियापुर क्षेत्र में किशोरी के निवास स्थान पर उसके पिता के पास पहुंची लेकिन वहां पर कोई नहीं मिला। उधर, किशोरियों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के मामले में डीपीओ विकास चंद्र की तहरीर पर लापरवाही में दोषी बाल गृह के कर्मचारियों के खिलाफ अज्ञात में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। वहीं, किशोरी की तलाश में पुलिस की तीन टीमें गठित कर दी गई हैं।

पुलिस की जांच में सामने आएगा दोषी कर्मचारी का नाम

किशोरी के बाल गृह से भागने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करवा दी है। प्राथमिकी अभी अज्ञात में दर्ज की गई है। पुलिस की जांच के बाद दोषी कर्मचारी का नाम सामने आएगा। वहीं, संस्था प्रभारी को चाइल्ड लाइन को भी सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। – विकास चंद्र, जिला प्रोबेशन अधिकारी

नौ माह में यह चौथी घटना

वृंदावन की राजकीय बाल गृह (बालिका) की स्थापना नाै महीने हुई थी। इतने कम समय में यहां पर यह चाैथी घटना है। इससे पहले 21 अगस्त को दो किशोरियों ने बाल गृह को बंद कराने की साजिश रचते हुए 14 वर्षीय शिवानी की पानी से भरी बाल्टी में सिर डुबोकर हत्या कर दी थी। इससे पहले भी दो बार बाल गृह में भारी लापरवाही सामने आई थी। 27 जनवरी 2026 को रात में यहां से पांच किशोरियां कंबल की रस्सी बनाकर भाग गई थीं। 4 जून को तलाशी के दौरान लड़कियों से 11 मोबाइल फोन और 4 चार्जर बरामद हुए थे। बाल गृह में मोबाइल की जांच से गुस्साई बालिकाओं ने हंगामा करते हुए तोड़फोड़ की थी।

तीन शिफ्टों में तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी

बाल गृह (बालिका) की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। यहां बाल गृह परिसर में अस्थायी पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी। यहां पुलिसकर्मियों की तैनाती तीन शिफ्टों में की जाएगी, जिससे 24 घंटे निगरानी बनी रहे और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध हो सके। चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी बाल गृह के आसपास की गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे। इसके साथ ही आने-जाने वाले लोगों की निगरानी और सत्यापन व्यवस्था को भी प्रभावी बनाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के दूसरे चरण में बाल गृह के अंदर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। वर्तमान कैमरों के अलावा उन स्थानों को चिह्नित किया जाएगा, जहां निगरानी की आवश्यकता अधिक है। कैमरों के जरिये परिसर के प्रमुख हिस्सों पर नजर रखी जाएगी। इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय रहते मिल सकेगी।

 



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