उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच अंतरराज्यीय बस सेवाओं के विस्तार पर सहमति बनी है। 25 बस रूटों का विस्तार किया जाएगा। नई सेवाओं को शुरू करने पर भी दोनों राज्यों ने सहमति दी है। सोमवार को दोनों राज्यों के परिवहन मंत्रियों और अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें बिहार के परिवहन मंत्री दामोदर रावत और यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह शामिल हुए।
अपर मुख्य सचिव परिवहन अर्चना अग्रवाल और परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन भी उपस्थित रहे। रोडवेज प्रबंध निदेशक पीएन सिंह और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा भी बैठक में शामिल थे। बैठक में वर्ष 2016 से प्रभावी अंतरराज्यीय परिवहन करार पर चर्चा हुई। इस करार को बीती मई में विस्तारित किया गया था। बिहार ने यूपी के विभिन्न जनपदों के लिए बस सेवा संचालित करने का अनुरोध किया।
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सीमावर्ती जिलों में संपर्क बढ़ेगा
दोनों राज्यों की जनता को बेहतर परिवहन सुविधा देने पर जोर दिया गया। विशेषकर सीमावर्ती जिलों में संपर्क बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। बसों के किराए में एकरूपता लाने पर भी सहमति बनी है। नवीन मार्गों का परीक्षण कर समतुल्य किलोमीटर के आधार पर समझौता किया जाएगा। इस अवधि में दोनों प्रदेशों में नए राजमार्गों का निर्माण हुआ है। बिहार में यूपी रोडवेज की बसों के संचालन में कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।