
अखिलेश यादव और आजम खां की मुलाकात पर टिकी निगाहें।
– फोटो : अमर उजाला
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अखिलेश यादव और आजम खां की मुलाकात पर टिकी निगाहें।
– फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की आहट तेज होते ही समाजवादी पार्टी (सपा) ने रुहेलखंड में अपने रणनीतिक ताने-बाने को मजबूत करना शुरू कर दिया है। रामपुर जेल में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां के बीच प्रस्तावित मुलाकात को महज शिष्टाचार भेंट न मानकर, आगामी चुनाव के लिए टिकट चयन और रणनीतिक मंथन से जोड़कर देखा जा रहा है।
रुहेलखंड की ज्यादातर सीटों पर आजम खां का राजनीतिक रसूख हमेशा असरदार रहा है। खासतौर पर बरेली शहर और इसके आसपास के इलाकों में संगठन की जमीनी स्थिति को मजबूत करने के लिए आजम खां की राय को काफी अहम माना जा रहा है। पिछले विधानसभा चुनावों में सपा ने बरेली मंडल में सम्मानजनक प्रदर्शन किया था।
सपा ने बदायूं की तीन और बरेली की दो सीटों (भोजीपुरा और बहेड़ी) पर जीत दर्ज कर अपना कब्जा जमाया था। वहीं, बरेली कैंट विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पूर्व महापौर ने भाजपा को कड़ी टक्कर देकर पार्टी के लिए मजबूत आधार तैयार किया था। यहां हार का अंतर महज 10 हजार मतों का ही था। 2012 से पहले यह सीट भाजपा के पास कभी नहीं रही। ऐसे ही अन्य सीटों पर भी समीकरण तलाशे जा रहे हैं।