शहर कोतवाली क्षेत्र के नंदापुरवा निवासी युवक का शव शुक्रवार रात बाग में मिलने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मृतक के भाई की शिकायत पर देहात कोतवाली में मृतका की पत्नी, बहन और जीजा समेत छह लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि मृतका की पत्नी और जीजा आए दिन मर जाने का ताना देते थे।
शहर कोतवाली क्षेत्र के नंदापुरवा निवासी अरुण यादव (35) किसान थे। उनकी शादी तीन साल पहले मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के दारूकुईयां निवासी आशा से हुई थी। भाई राजीव ने बताया कि पिछले कई माह से आशा अपने मायके में थी। कई माह तक वह अपने जीजा शहर कोतवाली क्षेत्र के झौनीपुरवा निवासी प्रमोद के घर भी रही थी। अरुण अपनी पत्नी आशा को जीजा प्रमोद से फोन पर बात करने से मना करता था। इसको लेकर प्रमोद रंजिश मानता था।
बीते 17 सितंबर को अरुण बिना कुछ बताए घर से चला गया था। इसके बाद उसका शव शुक्रवार रात देहात कोतवाली क्षेत्र के चितराई में तालाब के पास आम की बगिया में मिला था। दावा है कि शव के पास से एक काली पन्नी मिली थी। इसमें एक कागज का टुकड़ा था। इस टुकड़े पर प्रमोद और उसकी पत्नी, आशा, सुनील की पत्नी, अंकुल और महेंद्र के नाम लिखे थे।
