बाह/पिनाहट। काली और पार्वती नदियों से 2 लाख क्यूसेक से अधिक पानी आने से चंबल नदी उफान पर है। बुधवार 12 घंटे में ही नदी का जलस्तर 112 से बढ़ कर 120 मीटर हो गया है, जो चेतावनी के निशान 127 मीटर से महज 7 मीटर नीचे है। नदी पर खतरे का निशान 130 मीटर पर है। प्रति घंटा 66 सेमी की रफ्तार से जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के गांवों के लोग बाढ़ की आशंका से सहम उठे हैं। प्रशासन ने पिनाहट और कैंजरा घाट पर मोटर बोट का संचालन बंद करा दिया है।
चंबल नदी के उफान ने बाह के रानीपुरा, भटपुरा, गोहरा, मऊ की मढैया, गुढ़ा, पुरा डाल, पिनाहट के रेहा, डगोरा, पुरा शिवलाल, झरनापुरा, भगवानपुरा, उमरैठा पुरा, क्योरी बीच का पुरा गांव के लोगों की नींद उड़ा दी है। रेहा के प्रधान अजय कौशिक, सिमराई के प्रधान जयवीर सिंह, मऊ के प्रधान उदयभान सिंह ने बताया कि उफान का पानी निचले इलाके के नदी से जुड़ने वाले खादर और बीहड़ के कच्चे रास्तों पर भरने लगा है। एसडीएम बाह विनोद कुमार ने बुधवार को राजस्व टीम के साथ उफान प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
तराई के गांवों के लोगों को निचले इलाके से ऊंचाई वाले स्थानों पर पहुंचने को कहा गया है। एसडीएम ने बताया कि बचाव और राहत के लिए 8 बाढ़ चौकियां बनाई जा रही हैं। लोगों को नदी किनारे न जाने की हिदायत दी गई है।
किस बाढ़ चौकी पर विस्थापित होंगे कौन से गांव के लोग
चंबल में उफान के मद्देनजर प्रशासन ग्रामीणों के प्रभावित होने की स्थिति में उन्हें विस्थापित करने के लिए 8 बाढ़ चौकियां बनाने में लगा है। बाढ़ चौकी मंसुखपुरा में रेहा, बरेंडा, तासौड़, पिनाहट में पिनाहट, क्योरी, करकोली, मंहगोली, उटसाना, उमरैठा में उमरैठा पुरा, बघरैना, बासौनी में बासौनी, जेबरा, कुंवरखेडा, सिमराई में सिमराई, गुढा, पुरा भगवान में पुरा भगवान, खेड़ा राठौर में खेड़ा राठौर, महुआशाला, गोहरा, रानी पुरा, नंदगवां में नंदगवां, बिट्ठौना, प्यारमपुरा, मुकुटपुरा, हथकांत, नावली, कोरथ, कमोनी, उदयपुर खुर्द गांव के अलावा मजरों के लोग रखे जाएंगे।
घड़ियाल, मगरमच्छों के खादर में आने का अंदेशा
चंबल में उफान के साथ ही घड़ियाल, मगरमच्छ आदि जलीय जीवों ने नदी का किनारा पकड़ना शुरू कर दिया है। उफान के पानी के साथ जलीय जीवों के खादराें में आने का खतरा बढ़ गया है। बीते बरसों में चंबल नदी के उफान के पानी से घिरने वाले गांवों रानीपुरा, भटपुरा, गुढ़ा, गोहरा, भगवानपुरा, पुरा डाल, झरनापुरा, उमरैठा पुरा, क्योरी, बीच का पुरा, डगोरा, रेहा, कछियारा गांव के नजदीक तक मगरमच्छ के पहुंचने के खतरे ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बाह के रेंजर कुलदीप सहाय पंकज ने बताया कि गांव के नजदीक या बीहड़ के खादर में घड़ियाल, मगरमच्छ या उनके बच्चे दिखने पर वन विभाग को सूचित करने के लिए जागरूक किया गया है। वन विभाग भी नजर रखेगा।
