खेरागढ़। दो पुलिसकर्मियों की हत्या और सरकारी राइफल लूट के सनसनीखेज मामले में 27 साल से फरार चल रहे 50 हजारी इनामी बदमाश भूरा की जिला कारागार में शिनाख्त परेड कराई गई। कार्यपालक मजिस्ट्रेट और जेल अधीक्षक की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान चश्मदीद गवाहों ने उसे तुरंत पहचान लिया।
पुलिस के अनुसार, जगनेर के इस्लाम नगर का रहने वाला भूरा वारदात के बाद मध्य प्रदेश भाग गया था। वह बैतूल जिले में नाम बदलकर मजदूरी कर रहा था। खेरागढ़ थाना प्रभारी हरीश शर्मा, सर्विलांस और एसओजी की संयुक्त टीम ने उसे भोपाल के एक प्लांट से गिरफ्तार किया था। वादी उपनिरीक्षक उमेश चंद्र और घायल उपनिरीक्षक चरण सिंह ने जेल में उसके चेहरे से पर्दा हटाते ही पहचान पर मुहर लगा दी। आरोपी ने 11 जनवरी 1999 की कोहरे भरी रात में रमेश कुशवाह गैंग के साथ मिलकर नगला कमाल चौराहे के पास अलाव ताप रहे सिपाहियों पर हमला कर दो की हत्या कर दी थी।
कानून के हाथ बहुत लंबे हैं, कोई भी अपराधी अधिक समय तक बच नहीं सकता। करीब तीन दशक के बाद दुर्दांत अपराधी की गिरफ्तारी से यह साबित भी हुआ है।
– आदित्य कुमार सिंह, डीसीपी पश्चिमी
