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बरेली के नामी मेडिकल कॉलेज की नर्स सीता प्रदेश के कई जिलों में बच्चा चोरी का नेटवर्क संचालित कर रही थी। इसमें बच्चा चोरों से लेकर डॉक्टर और झोलाछाप तक अलग अलग काम कर मोटा मुनाफा कमा रहे थे। अब इनकी हकीकत खुली है। कायदे से जांच आगे बढ़ेगी तो बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है।
गिरफ्तार किए गए संजय कुमार विश्वास और केशवराम उर्फ मंजेश ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे लखीमपुर खीरी निवासी उत्तम वाजपेयी के साथ बच्चों की खरीद-फरोख्त करते थे। दोनों ने फिलहाल एक-एक बच्चा उत्तम को बेचने की बात बताई। आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उत्तम उन्हें प्रति बच्चा 1.20 लाख रुपये देता था। बाद में उत्तम अपने साथियों योगेश और पवन के साथ मिलकर सीता को ये बच्चे ज्यादा रकम पर बेचता था। इस तरह कमीशन का खेल नीचे से ऊपर तक चलता था।
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पुलिस ने किया बच्चा चोर गिरोह का खुलासा।
– फोटो : अमर उजाला
सीता ने कबूला- दो बच्चे बेचे
खुद को बेकसूर बताकर रो रही सीता उस समय खामोश हो गई जब एसपी दक्षिणी ने बच्चों की खरीद फरोख्त को लेकर उसके खाते से हुए लेनदेन की जानकारी सामने रखी। इसके बाद वह रोने लगी। एसपी दक्षिणी ने बताया कि सीता ने स्वीकार किया है कि वह दो बच्चों को बेच चुकी है। बच्चे किसे बेचे गए, इस बारे में वह जानकारी नहीं दे रही है। हालांकि, पुलिस पूरे मामले की तह तक जाएगी।
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आरोपी मंजेश व संजय विश्वास
– फोटो : अमर उजाला
गर्भपात से जुड़ा हो सकता है नेटवर्क
संजय विश्वास व मंजेश ने जो बच्चे उत्तम को सौंप, बताया जा रहा है कि वह उन महिलाओं के थे, जो गर्भपात कराना चाहती थीं। गरीब परिवारों की इन महिलाओं को प्रसव के लिए तैयार किया गया। अपने यहां ही प्रसव कराकर बच्चा ले लिया गया। बाद में उन बच्चों को उत्तम गिरोह को बेच दिया गया। माना जा रहा है कि बेहद गरीब परिवारों से उनके बच्चों को पालने के लिए लेकर बेचने के केस भी रहे होंगे जो भविष्य में सामने आ सकते हैं।
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बच्चा चोरी के आरोपी
– फोटो : संवाद
संजय पर पहले से दर्ज हैं केस, अपहरण और मानव तस्करी की धाराएं बढ़ीं
संजय कुमार विश्वास के खिलाफ सीतापुर में पहले से एक मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों पर आंवला थाने में ये पहला केस दर्ज हुआ है। पुलिस के मुताबिक, मामला बच्चा चोरी का ही था, लेकिन बच्चे को इस तरह उठाकर ले जाने व बल प्रयोग की स्थिति में इसमें अपहरण की धारा बढ़ा दी गई। एसपी दक्षिणी ने बताया कि चूंकि और भी बच्चों को इसी तरह के आर्थिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए खरीदा और बेचा गया, इसलिए मामले में मानव तस्करी की धाराएं भी शामिल की गई हैं।
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रमन और उनकी पत्नी की गोद में बेटा
– फोटो : अमर उजाला
यह है मामला
24 मई को दोपहर में मनौना के श्याम मंदिर से सफाईकर्मी रमन के डेढ़ साल के बेटे ऋषभ का दो बाइक सवार युवकों ने अपहरण कर लिया था। आंवला पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर 27 मई को सीसी फुटेज के आधार पर शाहजहांपुर निवासी मेडिकल कॉलेज कर्मी योगेश कन्नौजिया व जलालाबाद में वेल्डर का काम करने वाले पवन सिंह चंदेल को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर बच्चे को उनके कब्जे से छुड़ा लिया। फिर खीरी निवासी उत्तम वाजपेयी को गिरफ्तार किया गया, जिसके इशारे पर दोनों आरोपी मंदिरों, मेलों व बाजारों से बच्चों को चोरी करते थे।