इटावा। बैंकर्स समीक्षा बैठक में विभिन्न स्वरोजगार और ऋण योजनाओं की धीमी प्रगति पर डीएम ने बैंक अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की। मुख्यमंत्री युवा योजना (सीएम युवा) में करीब 340 प्रकरण बैंक स्तर पर लंबित मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। एसबीआई में करीब 160 मामले लंबित पाए गए। बैंक को आवंटित 550 के वार्षिक लक्ष्य को समय से पूरा करने और लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए।
मंगलवार को डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना (एमवाईएसवाई), सीएम युवा, प्रधानमंत्री सूर्य घर और पीएमएफएमई योजना की समीक्षा की गई। ओडीओपी के करीब 40 ऋण प्रकरण बैंक स्तर पर लंबित मिले। इनमें एसबीआई और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अधिक मामले होने पर प्राथमिकता से निस्तारण के निर्देश दिए गए। उपायुक्त उद्योग आत्मदेव शर्मा को योजना का प्रचार-प्रसार बढ़ाकर पात्र लोगों के आवेदन बैंकों तक पहुंचाने को कहा गया।
एमवाईएसवाई में 70 से अधिक मामले लंबित मिले। इन्हें शीघ्र निस्तारित कर पात्र लाभार्थियों को ऋण वितरित करने के निर्देश दिए गए। वहीं सेंट्रल बैंक ने पिछले चार माह में केवल 52 आवेदनों में ऋण वितरित किया। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए अगस्त में कम से कम 50 मामलों में ऋण वितरण के निर्देश दिए। कुछ बैंकों में चार माह से एक भी ऋण वितरित नहीं होने पर भी जवाब-तलब किया गया। डीएम ने चेतावनी दी कि लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर संबंधित बैंक के खिलाफ कार्रवाई होगी। बैठक में ओडीओसी योजना की भी जानकारी दी गई। इटावा के लिए मठा के आलू, खीरमोहन और सरसों के उत्पाद चयनित हैं। इच्छुक उद्यमियों को 25 लाख रुपये तक के ऋण पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। इसके साथ ही डीएम ने सीएम युवा के तहत पिछले वर्ष दिए ऋणों के भौतिक सत्यापन को अगस्त में पूरा करने के निर्देश दिए गए। फर्जी कोटेशन देने वाले लाभार्थियों और वेंडरों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
