इटावा। शहर में घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था पांच महीने में ही बेपटरी होती नजर आ रही है। मार्च में 20 वार्डों में शुरू व्यवस्था का हाल यह है कि कई मोहल्लों में चार दिन तक कर्मचारी कूड़ा उठाने नहीं पहुंच रहे हैं। नगर पालिका में 1103 सफाई कर्मियों की तैनाती के बावजूद घरों और गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं। दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल है। बदलते मौसम में गंदगी के बीच वायरल और संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।
स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के तहत शहर के 40 वार्डों में से 20 वार्डों में घर-घर कूड़ा उठाने की व्यवस्था शुरू की गई थी। 12 मार्च को डीएम ने कूड़ा उठाने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। शुरुआत में कुछ दिन कूड़ा उठा लेकिन कुछ ही महीनों में रफ्तार धीमी हो गई। शहर से रोजाना करीब 70 टन कूड़ा निकलता है। बारिश के मौसम में कचरे का वजन और मात्रा बढ़ जाती है। ऐसे में नियमित कूड़ा उठान नहीं होने से समस्या और गंभीर हो गई है। मुख्य सफाई निरीक्षक नत्थीलाल कुशवाह ने कहा कि शनिवार से वह व्यवस्था की निगरानी करेंगे। मनमानी करने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
शिवा कॉलोनी, पुरविया टोला नालापार, आवास विकास, सिविल लाइन, घटिया अजमत अली, कटरा फतेह महमूद खां, मकसूदपुरा, छिपैटी, बैरूनटोला, चौगुर्जी, करमगंज, लक्ष्मण कॉलोनी, नौरंगाबाद, मढ़ैया शिवनारायण, लालपुरा, कटरा शमशेर खां, सुंदरपुर, करनपुरा, अशोक नगर और कटरा साहब खां में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की व्यवस्था शुरू की गई थी।
नगर पालिका में 884 ठेका सफाई कर्मी, 110 स्थायी और 109 संविदा सफाई कर्मचारी तैनात हैं। इसके बावजूद डोर-टू-डोर कूड़ा उठान में लापरवाही बरती जा रही है। लोगों का कहना है कि जब घरों से नियमित कूड़ा नहीं उठेगा तो स्वच्छ शहर का दावा कैसे पूरा होगा।
कटरा शमशेर खां निवासी फरमान ने बताया कि कई बार कर्मचारी तीन दिन तक नहीं आते। घर में कूड़ा जमा होने के बाद उसे रखने की जगह नहीं बचती। मजबूरी में खाली प्लॉट या सड़क किनारे कूड़ा फेंकना पड़ता है। इससे आसपास गंदगी और दुर्गंध फैलती है।
मोहल्ला अशोकनगर निवासी शनि ने बताया कि बारिश के दिनों में घरों से कूड़ा नियमित नहीं उठने पर स्थिति और खराब हो जाती है। कूड़े से दुर्गंध आने के साथ मच्छरों की संख्या भी बढ़ जाती है। नगर पालिका को वाहनों और कर्मचारियों की नियमित निगरानी कराकर रोजाना कूड़ा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
वर्जन
शहर में 50 वाहनों से कूड़े का उठान होता है, जिनकी लगातार निगरानी की जाती है। जिन मोहल्लों में गाड़ियां नियमित नहीं पहुंच रहीं हैं, वहां जांच करवाई जाएगी। कूड़ा उठान की व्यवस्था को बेहतर करने के लिए नगर पालिका की ओर से सभी वाहनों में जीपीएस लगवाए जा रहे हैं। 15 से 20 दिन में यह काम करने लगेंगे। नगर पालिका के कंट्रोल रूम से नियमित निगरानी की जा सकेगी। – संतोष कुमार मिश्र, ईओ
