इटावा। दिवाली के बाद अब पांच दिवसीय दीपोत्सव के अगले पड़ाव पर सोमवार को गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाएगा। इसको लेकर घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्रद्धालु गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर भगवान श्रीकृष्ण और गोमाता की पूजा-अर्चना करेंगे। कई स्थानों पर अन्नकूट का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया जाएगा। इसके बाद दीपोत्सव का समापन भाई दूज के पर्व के साथ होगा। इस बार तिथियों के संयोग के चलते भाई दूज 10 और 11 नवंबर को दो दिन मनाई जा सकेगी।
आचार्य पंडित विनोद कुमार दुबे के अनुसार, गोवर्धन पूजा भगवान श्रीकृष्ण की ओर से गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाने की स्मृति में मनाई जाती है। इस दिन घरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उसकी पूजा की जाती है। भगवान श्रीकृष्ण को अन्नकूट का भोग लगाया जाता है और गोमाता की आराधना की जाती है। गोवर्धन पूजा का प्रातःकालीन मुहूर्त सुबह 6:41 से 8:51 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गोधूलि मुहूर्त शाम 5:31 से 5:57 बजे तक है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:27 बजे तक रहेगा।
गोवर्धन पूजा के बाद भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इस बार द्वितीया तिथि दो दिन रहने के कारण 10 और 11 नवंबर को भाई दूज मनाने का संयोग बन रहा है। इस दिन बहनें भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करेंगी। वहीं भाई बहनों को उपहार देकर उनके प्रति स्नेह जताएंगे। द्वितीया तिथि 10 नवंबर को दोपहर 12:38 बजे शुरू होकर 11 नवंबर को दोपहर 2:13 बजे तक रहेगी। इस दौरान दोनों दिन पर्व मनाने की परंपरा के अनुसार बहनें भाई का तिलक कर सकेंगी।

