इटावा। पति सतेंद्र ने मुकेश की मदद से सास और पत्नी को शीतल पेय में नशीला पदार्थ मिलाकर बेसुध किया था। पहले सास पुष्पा के हाथ-पैर दुपट्टे से बांधे। बेसुध हालत में पुष्पा विरोध नहीं कर सकी। सतेंद्र ने खुन्नस में बातें सुनाते हुए चाकू से उनका गला रेत दिया। इसके बाद वह बरामदे में गया, जहां पत्नी निर्मला बेसुध पड़ी थी।
सतेंद्र ने उसे जगाया तो खून से सना चाकू देखकर निर्मला भागने का प्रयास करने लगी, लेकिन बेसुध हाल में होने के कारण गिर पड़ी। मुकेश ने निर्मला के पैर पकड़े और सतेंद्र ने दराती से उसका भी गला रेत दिया। निर्मला के भाई अर्पित ने बताया कि 13 अगस्त को वह कचहरी गया था, वहां बहनोई सतेंद्र और उसके जीजा विजय ने रुपये न देने की बात कही थी। उन्होंने अर्पित को अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी। फिलहाल हत्या की वजह रुपये का विवाद बताया जा रहा है।
भरथना के चंदेठी गांव निवासी पुष्पा और उनकी विवाहित बेटी निर्मला काफी समय से घर में अकेले ही रह रहीं थीं। छोटा बेटा अर्पित व पति अक्सर घर आते-जाते रहते थे।
रोज की तरह 16 को दूध देने के लिए गांव का राजीव सुबह करीब साढ़े छह बजे पुष्पा के घर पहुंचा था। उसने घर में घुसते समय अंदर की तरफ पड़ने वाले लोहे के गेट को काफी बार भड़भड़ाया और आवाज भी दी, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। अंदर से किसी की आवाज न आने पर वह लौट गया था। 17 अगस्त को वह रोज की तरफ फिर सुबह लगभग सवा छह बजे पुष्पा के घर पहुंचा तो फिर दरवाजा नहीं खुला, अंदर से भी कोई आहट नहीं आई। इस पर राजीव को कोई घटना होने का संदेह हुआ। उसने गांव के लोगों के बताने के साथ ही पुष्पा के पति सुरेश चंद को फोन पर दरवाजा दो दिन से नहीं खुलने की सूचना दी। सुरेश ने घर के दूसरे हिस्से में लगे दरवाजे के रास्ते घर में कूदकर जाने की बात कही। इस पर ग्रामीण घर में दाखिल हुए। लोहे के दरवाजे को धक्का देते ही एक खाट पर पुष्पा का और अंदर जमीन पर निर्मला का शव पड़ा था। यह देखकर ग्रामीणों के होश उड़ गए। ग्रामीणों ने फोन पर प्रधान के पति को सूचना दी। प्रधान के पति की सूचना पर कोतवाली पुलिस पहुंच गई थी। उधर, वारदात की जानकारी पर परिजन भी रवाना हो गए थे।
एसएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि 26 अप्रैल 2021 को निर्मला की शादी सतेंद्र से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही निर्मला को पता चला था कि उसके पति के संबंध उसकी भाभी की बहन के साथ हैं। इस पर दोनों के बीच खटपट होने लगी थी। इसी विवाद के चलते निर्मला करीब छह माह बाद ही मायके रहने आ गई थी। 2023 में उसने घरेलू हिंसा और भरण पोषण का मुकदमा पारिवारिक न्यायालय में डाल दिया था। कोर्ट ने तीन अगस्त को निर्मला को सात हजार रुपये दिए जाने के आदेश दिए थे। साथ ही इस आधार पर अभी तक के लगभग तीन लाख रुपये का भी जल्द भुगतान करने के आदेश सतेंद्र को दिए थे।
निर्मला के छोटे भाई अर्पित की तहरीर पर पुलिस ने निर्मला के पति सतेंद्र, सतेंद्र के जीजा विजय और सतेंद्र के रिश्ते के साले आरोपी मुकेश व चार अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एसएसपी ने बताया कि घटना में मुख्य रूप से दो आरोपियों के संलिप्त होने की पुष्टि हुई है। अन्य आरोपों की भी जांच की जा रही है। उधर, पुष्पा के पति और बेटे बाहर रहने की वजह से वारदात पता चलने के बाद कोई मौके पर नहीं था। पति और दोनों बेटे सूचना पर सुबह घर के लिए रवाना हुए थे। दोपहर में पति सुरेश चंद और छोटा बेटा आ गया था, पर बड़ा बेटा नंदकिशोर नहीं आ सका था। देर रात तक दोनों के पोस्टमार्टम नहीं हो सके थे।
एसएसपी ने बताया कि आरोपी मुकेश 10 साल पहले सेना में सिपाही था। वह सरकारी ट्रैक्टरी चोरी में पकड़ा गया था। इसके बाद उसका कोर्ट मार्शल कर दिया गया था। अभी फिलहाल वह गांव में ही किसी का ट्रैक्टर चलाता था।
