बकेवर। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के नेशनल हाईवे के किनारे स्थित ग्राम पंचायत बिजौली के कंपोजिट विद्यालय परिसर में जलभराव हो गया। प्रधानाध्यापिका ने बीईओ को इसकी सूचना दी। इसके बाद शनिवार को पंचायत घर में बैठाकर बच्चों को पढ़ाया गया।

दो दिन पूर्व गुरुवार रात हुई बारिश के बाद स्कूल परिसर में हल्का जलभराव हो गया था। ऐसे में स्कूल के कक्षों तक आने जाने का रास्ता खुला हुआ था। शुक्रवार दोपहर और शाम को तेज बारिश होने के बाद स्कूल परिसर में भारी जलभराव हो गया। इससे स्कूल के मुख्य गेट से कमरों तक जाने आने का रास्ता भी पानी में डूब गया।

शनिवार सुबह जब स्कूल स्टाफ और बच्चे स्कूल पहुंचे तो स्कूल गेट से ही जलभराव की स्थिति बनी देख स्टाफ व बच्चे स्कूल परिसर में पानी में घुसकर गए। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मीरा देवी ने इसकी जानकारी फोन से बीईओ महेवा को दी। पंचायत प्रशासन तिलक सिंह राजपूत व सचिव अनुष्का दुबे को भी इस समस्या की जानकारी दी गई। इसके बाद पंचायत सचिव ने स्कूल के पास ही स्थित पंचायत भवन परिसर में बच्चों को बैठाने की अनुमति दी। इसपर प्रधानाध्यापिका मीरा देवी ने बच्चों को पंचायत भवन के बरामदे में बैठाकर कक्षाएं चलाईं। विद्यालय में कुल 188 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है और शनिवार को 105 बच्चे ने बरामदे में बैठकर पढ़ाई की।

किचन में सांप निकलने से नहीं बना मिडडे मील

विद्यालय परिसर में जलभराव के बीच रसोइया जैसे-तैसे विद्यालय की रसोई में बच्चों के लिए मिडडे मील बनाने के लिए पहुंची। जैसे ही उसने रसोई का दरवाजा खोला तो रसोई में सांप बैठा दिखाई दिया। सांप देखकर रसोइया वहां से भाग खड़ी हुई। मिडडे मील न बन पाने की स्थिति में बच्चों के लिए बाजार से नाश्ता मगवाया गया और मिडडे मील की जगह बच्चों ने नाश्ता किया।

फोटो:12 कंपोजिट स्कूल बिजौली के परिसर में भरा पानी। संवाद

फोटो:12 कंपोजिट स्कूल बिजौली के परिसर में भरा पानी। संवाद



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