Staging of Sita Swayamvar and the Parashurama-Lakshmana dialogue in Ramlila.

फोटो 34:::::रामलीला में लक्ष्मण परशुराम संवाद का मंचन करते कलाकार। स्त्रोत आयोजक



ताखा। युवा रामलीला महोत्सव समिति द्वारा आयोजित रामलीला के तीसरे दिन सीता स्वयंवर से परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन हुआ। शिव धनुष टूटने की सूचना पर परशुराम के क्रोधित होकर जनक दरबार पहुंचने से दर्शकों में रोमांच रहा। कलाकारों के अभिनय से पंडाल तालियों से गूंजा। भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण गुप्ता ने श्रीराम की आरती उतारकर रामलीला का शुभारंभ किया और इसे भारतीय संस्कृति का माध्यम बताया। राम द्वारा शिव धनुष तोड़ने के बाद जनक का विलाप और रावण-बाणासुर संवाद भी आकर्षक रहे। परशुराम के रौद्र रूप और लक्ष्मण के चुटीले संवादों पर दर्शकों ने तालियां बजाईं। राम के शांत व्यवहार से प्रसंग का समापन हुआ। परशुराम की भूमिका राजू मिश्रा (शोभन सरकार) और लक्ष्मण की भूमिका अमरदीप ने निभाई। समिति ने अरुण गुप्ता सहित गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया।




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