चकरनगर। अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों से जुड़े वसूली के आरोपों ने सहसों थाने की छवि बार-बार दागदार की है। कभी ट्रकों से वसूली करते पुलिसकर्मी पकड़े गए तो कभी मुकदमे से नाम हटाने के लिए रिश्वत मांगने का मामला सामने आया। अब प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र विक्रम सिंह के कथित ऑडियो और व्हाट्सएप चैट वायरल होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल उठे हैं। एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने उन्हें निलंबित कर जांच एसपी सिटी को सौंपी है। प्रभारी निरीक्षक ने ऑडियो को एडिटेड बताते हुए आरोपों को नकारा है। वायरल सामग्री की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है।
सहसों क्षेत्र में वसूली का मामला नया नहीं है। वर्ष 2017 में तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण ने हनुमंतपुरा में छापा मारकर ट्रकों से वसूली करते एक सिपाही को पकड़ा था। इसके बाद उदी चंबल पुल के बैरियर पर कार्रवाई में परिवहन विभाग के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों समेत 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। मौके से 11 ट्रक, पांच कार और एक बाइक सीज करने के साथ चार लाख रुपये बरामद हुए थे।
सहसों और बढ़पुरा के थानाध्यक्षों समेत चौकी प्रभारियों पर भी कार्रवाई हुई थी। 10 मार्च 2025 को हनुमंतपुरा चौकी प्रभारी कपिल भारती को एंटी करप्शन टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप था कि मुकदमे से एक सिपाही का नाम हटाने के लिए डेढ़ लाख रुपये मांगे गए थे। चार महीने पहले 25 जून को मौरंग लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाने के लिए कथित लेनदेन का वीडियो वायरल होने पर सिपाही सुनील कुमार को लाइन हाजिर किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में मौरंग के ओवरलोड डंपर के सात हजार, गिट्टी के पांच हजार और ट्रैक्टर-ट्रॉली के दो हजार रुपये वसूले जाने की चर्चा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सीओ अभय नारायण राय ने बताया कि वायरल ऑडियो और चैट की जांच एसपी सिटी कर रहे हैं। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी।

