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फोटो-38-फतेहपुर:- हथगाम के वार्ड नंबर दो में विस्फोट के बाद सीज किया गया घर। संवाद
फतेहपुर। धमाके ने कस्बे की करीब 10 हजार की आबादी को दहला दिया। आसपास के 200 मीटर के दायरे में घरों तक ईंट-पत्थर का मलबा पहुंचा। करीब 500 मीटर दूर तक विस्फोट की गूंज सुनाई दी। धमाके के बाद मलबे के टुकड़े हवा में उड़कर दूर तक जा पहुंचे।
पड़ोसी माशूक के घर से जुड़ी दीवार में दरारें पड़ गईं। उनके घर की छत पर रखी पानी की टंकी और दो ड्रम के चीथड़े उड़ गए। करीब 200 मीटर दूर रहने वाले सईद अहमद के घर का टीवी, फ्रिज और अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए।
विस्फोट की तेज आवाज सुनकर लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। छत की चहारदीवारी की ईंटें भी लोगों के घरों तक जा पहुंचीं। शौचालय का दरवाजा उखड़कर बाहर जा गिरा।
बेटे ने परिजन से पहले ही पटाखे का काम बंद करने को कहा था
विस्फोट में जान गंवाने वाली नसरीन के तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा साहबे आलम मुंबई में टैक्सी चलाता है। वह 28 अक्तूबर को गांव लौटा था। दूसरे नंबर का बेटा मोहम्मद निसाद खाड़ी देश में है, जबकि तीसरा बेटा शोएब गांव में रहता है। उनकी पांच बेटियों में खुशनुमा और शेयदुमा शादीशुदा हैं। तीन बेटियां रहनुमा, निशा और अक्सरा घर में रहती हैं। विस्फोट के वक्त तीनों नीचे के कमरे में थीं। इस दौरान तीनों की बाल-बाल जान बची। पड़ोसियों ने बताया कि साहबे आलम कुछ दिन पहले गांव लौटा था। वह घरवालों से पटाखे का काम बंद करने के लिए कहता था। हालांकि, पड़ोसी घर में पटाखे का निर्माण होने की बात से इन्कार कर रहे हैं। विस्फोट के बाद परिजन पड़ोसी के घर में ठहरे हैं।

