फतेहपुर। पत्नी की हत्या के मामले में भोजपुरी फिल्म के लेखक पति और उसकी प्रेमिका अभिनेत्री को अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर-4 की न्यायाधीश चेतना चौहान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

मां की हत्या से सबसे अधिक प्रभावित उसके नाबालिग बेटे को उचित मुआवजा दिलाने के लिए सरकार से संस्तुति की गई है। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को मुआवजे के लिए पैरवी करने के निर्देश दिए गए हैं।

थरियांव थाना क्षेत्र के अब्दुल्लापुर घूरी गांव के सुल्तानपुर निवासी सत्यप्रकाश की बहन योगमाया की शादी 10 फरवरी 2015 को खागा कोतवाली क्षेत्र के गुलरियनपुर मजरे कूरा निवासी इंद्रमोहन लोधी के साथ हुई थी। इंद्रमोहन भोजपुरी फिल्मों का लेखक था। इसी दौरान उसका भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री नेहा वर्मा निवासी सुभाष नगर वार्ड नंबर नौ कोतवाली सदर महराजगंज से प्रेम प्रसंग हो गया।

अभियोजन के अनुसार, साजिश के तहत 25 दिसंबर 2021 की रात नेहा ने हंसिया से योगमाया की गर्दन रेतकर हत्या कर दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में नौ गवाह पेश किए गए। करीब पांच साल तक चली सुनवाई के बाद 30 अक्तूबर को अदालत ने इंद्रमोहन और नेहा को दोषी करार दिया था। शुक्रवार को दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

अदालत ने टिप्पणी की कि मां की हत्या के बाद उसका नाबालिग बेटा सबसे अधिक पीड़ित हुआ है। अर्थदंड की राशि मां की क्षति की भरपाई नहीं कर सकती। इसी आधार पर सरकार से बेटे को उचित मुआवजा दिलाने की संस्तुति की गई है।



Source link