फतेहपुर। दिवाली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रविवार शाम 5:20 बजे से 7:30 बजे के मध्य श्रेष्ठ मुहूर्त में घरों और प्रतिष्ठानों में गणेश-लक्ष्मी और कुबेर का पूजन हुआ। तंत्र-मंत्र साधकों ने रात 11:50 बजे से मध्यरात्रि दो बजे तक साधना की। शाम होते ही हर तरफ दीपों और झालरों की रंगबिरंगी छटा बिखरी। पटाखे छुड़ाकर लोगों ने खूब धूम-धड़ाका किया। जानकारों के मुताबिक, करीब 12 करोड़ पटाखों की बिक्री हुई।
दिवाली पर दिनभर बाजारों में खासी भीड़-भाड़ रही। सबसे अधिक भीड़ पटाखा बाजार में रही। खरीदारी के लिए धक्का-मुक्की करनी पड़ी। इसी तरह लाइया, गट्टा, पट्टी की दुकानों में ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की। रात तक बाजार में चहल-पहल बनी रही।
पं. योगेश कुमार बाजपेयी ने बताया कि लक्ष्मी, गणेश और कुबेर का पूजन सामर्थ्य के अनुसार करने से धनधान्य की कमी नहीं रहती। वृष राशि में पूजन का लग्न होने से 5:20 से 7:30 के मध्य पूजन ने पूरे साल लक्ष्मी जी स्थिर रहेंगी। उधर, दिवाली पर पूरा शहर बिजली की रंग बिरंगी झालरों से जगमग रहा। शाम ढलते ही लोगों के घरों की मोहक छटा देखते ही बनी। पूजन के बाद गृहस्थों ने 109 दीपक जलाए। आलमारी का लाॅकर और तिजोरियों की खास पूजा की गई।
खूब बिकी मिठाई
दिवाली पर मिठाई खूब बिकी। शहर में जगह-जगह लगी मिठाई की दुकानों में शाम ढलने के बाद स्टाॅक समाप्त हो गया। ऐसे में मध्यम वर्गीय परिवारों को महंगी मिठाई खरीदनी पड़ी।
फूल की खूब हुई बिक्री
दिवाली पर तरह-तरह के फूलों की दुकानें सजी रहीं। सार्वजनिक स्थलों के साथ सड़क फुटपाथों पर फूल की दुकानों की भरमार रही। कमल का फूल 50 रुपये प्रति पीस बिका। गुलाब की माला 80 रुपये, गेंदा का माला 50 रुपये प्रति पीस बिकी। कमल गट्टे की माला खोजे नहीं मिली। अनार, कैथा, केला, गन्ना, सिघांडा भी मनमाने रेट पर बिका।
गोवर्धन पूजा कल
अमावस्या सोमवार को दोपहर 12 बजे तक रहेगी। इसके बाद परेवा शुरू हो जाएगी। अमावस्या पर सोमवार को श्रद्धालु गंगा स्नान कर सकते हैं। गोवर्धन पूजा 14 नवंबर को सुबह सात बजे के बाद होगी। इस दौरान महिलाएं भगवान गोवर्धन की स्थापना कर पूजन करेंगी। 15 नवंबर को दूज का पर्व है।
