फतेहपुर। जिले की सहकारी समितियों को बिजली की समस्या से निजात दिलाने और डिजिटल सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। पहले चरण में जिले की 35 कंप्यूटरीकृत सहकारी समितियों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें से 14 समितियों में सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि शेष में भी संयंत्र लगाने की तैयारी चल रही है।

जिले में कुल 115 सहकारी समितियां संचालित हैं। शासन की योजना के तहत पहले चरण में उन समितियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां डिजिटलीकरण का काम पूरा हो चुका है। सोलर पैनल लगने से बिजली आपूर्ति बाधित होने पर भी कंप्यूटर और ऑनलाइन सेवाएं चलती रहेंगी। इससे किसानों को खाद वितरण, अभिलेखों और अन्य डिजिटल सेवाओं के लिए बिजली आने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

बिजली बिल का खर्च भी होगा कम

सहकारी समितियों में बिजली कटौती के चलते अक्सर ऑनलाइन कामकाज प्रभावित होता है। सौर ऊर्जा संयंत्र लगने से समितियों को बिजली का वैकल्पिक स्रोत मिलेगा और बिजली बिल के खर्च में भी कमी आएगी। एआर कोआपरेटिव राजेश कुमार कटियार ने बताया कि पहले चरण में 35 कंप्यूटरीकृत समितियों का चयन किया गया है। इनमें से 14 में सोलर पैनल स्थापित हो चुके हैं। शेष समितियों में भी योजना के तहत संयंत्र लगाने का काम कराया जाएगा।



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