हज यात्रा का खर्च पिछले डेढ़ दशक में लगातार बढ़ा है, जबकि कई ऐसी सुविधाएं, जिन्हें कभी सरकारी हज पैकेज का हिस्सा माना जाता था, अब या तो सीमित हो गई हैं या पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं। वर्ष 2012 में जहां करीब 1.32 लाख रुपये में हज यात्रा पूरी हो जाती थी, वहीं 2026 में सरकारी हज पैकेज करीब 3.80 लाख से 3.98 लाख रुपये तक पहुंच गया। हज यात्रियों का कहना है कि खर्च बढ़ने के बावजूद पहले जैसी सुविधाएं अब नहीं मिल रही हैं।


मुरादाबाद निवासी हाजी फैजान शिरिगुल जिन्होंने वर्ष 2012 में हज किया था, बताते हैं कि उस समय करीब 1.32 लाख रुपये में पूरी यात्रा हो गई थी। इसी पैकेज में हज कमेटी ऑफ इंडिया की ओर से प्रत्येक यात्री को 2100 रियाल (सऊदी करेंसी) भी दी जाती थी। हरम के अपेक्षाकृत नजदीक ठहरने की व्यवस्था रहती थी और आवास पर स्वयं खाना बनाने की सुविधा भी उपलब्ध थी। उड़ानों की गुणवत्ता भी बेहतर थी। वर्ष 2023 से यह सुविधा समाप्त हो चुकी है।

 



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