कालपी। बार संघ अध्यक्ष गयादीन अहिरवार हत्याकांड के खुलासे और अब तक हुई कार्रवाई से अधिवक्ता संतुष्ट नहीं हैं। बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में मार्च निकालकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर फांसी की सजा दिलाने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस कुछ सफेदपोश साजिशकर्ताओं को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

कालपी बार संघ के चार बार अध्यक्ष रहे वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन अहिरवार की हत्या से नाराज अधिवक्ता सोमवार से न्यायिक कार्य से विरत हैं। बृहस्पतिवार दोपहर बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए। पूर्व अध्यक्ष अमर सिंह निषाद की अगुवाई में उन्होंने पूरे तहसील परिसर में मार्च निकालकर हत्यारों को फांसी दो और अधिवक्ता एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। इस दौरान अधिवक्ताओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले में अभी कई महत्वपूर्ण कड़ियों का खुलासा होना बाकी है।

अधिवक्ताओं का कहना है कि सुपारी किलर मोनू यादव समेत कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी उजागर होनी चाहिए। उन्होंने मुख्य आरोपी इंद्रजीत यादव के राजनीतिक और व्यावसायिक संपर्कों की भी जांच कराने की मांग की। अधिवक्ताओं ने आशंका जताई कि कदौरा क्षेत्र के एक प्रमुख व्यापारी की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। उन्होंने हत्याकांड का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने, सभी दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और मृतक के परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।

इधर, जिला बार संघ जालौन के अधिवक्ताओं ने भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। जिला बार संघ की प्रथम महिला महासचिव डॉ. साधना त्रिपाठी की अध्यक्षता में सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि अधिवक्ता गयादीन अहिरवार के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। परिवार को पुलिस सुरक्षा देने के साथ ही पूरे हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग भी उठाई गई।

ज्ञापन में कहा गया कि न्याय के प्रहरी और वरिष्ठ अधिवक्ता की हत्या गंभीर मामला है। इसकी निष्पक्ष जांच से ही साजिश में शामिल सभी लोगों का पर्दाफाश हो सकेगा। इस दौरान जिला बार संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कर्मक्षेत्र अवस्थी, कलक्ट्रेट प्रभारी ओम नारायण निरंजन, मुहम्मद इरशाद मंसूरी, गोलू, विभूति, विक्रम वेद, अंशुमान दीक्षित, शैलेंद्र सिंह भदौरिया आदि मौजूद रहे।

मोनू का पिता अजय यादव अब भी फरार

पुलिस की पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, हत्याकांड की साजिश में इंद्रजीत यादव की भूमिका रही। बताया गया कि उसने कानपुर निवासी अजय यादव से संपर्क किया था। अजय अपने बेटे मोनू यादव को इस काम में शामिल कर पूरे घटनाक्रम का हिस्सा बना। मोनू ने अपने तीन दोस्तों को पांच दिन में तैयार किया था। उन्हें शुरुआत में हत्या की जानकारी नहीं दी गई थी। पुलिस के अनुसार, वारदात से पहले आरोपियों ने शराब पी और कार से कालपी पहुंचे। अधिवक्ता को कार में बैठाने के बाद उनका गला दबाकर बेहोश किया गया और फिर कानपुर के गुजैनी ले जाकर जैक से हमला कर हत्या कर दी गई। इसके बाद मोनू ने अपने पिता अजय यादव को फोन कर वारदात पूरी होने की जानकारी दी थी। पुलिस की कार्रवाई में मोनू और अन्य आरोपियों के साथ इंद्रजीत यादव की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अजय यादव की तलाश जारी है।

फोटो - 24 बार संघ कालपी गयादीन अहिरवार की फाइल फोटो।

फोटो – 24 बार संघ कालपी गयादीन अहिरवार की फाइल फोटो।

फोटो - 24 बार संघ कालपी गयादीन अहिरवार की फाइल फोटो।

फोटो – 24 बार संघ कालपी गयादीन अहिरवार की फाइल फोटो।



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