= कुल्हाड़ी से हमला कर ली थी जान, अदालत ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

उरई। मामा की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या करने के मामले में अदालत ने भांजे को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

कालपी कोतवाली क्षेत्र के हरकूपुर गांव निवासी मुकेश कुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उनके चाचा मोहर सिंह खाना खाने के बाद अपने भांजे करन सिंह के घर सोने चले गए थे। करन सिंह गांव में मकान बनाकर रहता था। आरोप था कि वह अक्सर मोहर सिंह से खाने-पीने के लिए रुपये मांगता था।

घटना वाली रात करीब 12 बजे करन सिंह के घर से चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि करन सिंह छत पर मोहर सिंह पर कुल्हाड़ी से हमला कर रहा था। परिजनों को आता देख वह भाग निकला। घायल मोहर सिंह को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

कालपी कोतवाली पुलिस ने 23 फरवरी 2020 को करन सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान वादी समेत अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। शनिवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने और गवाहों के बयान व उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अपर जिला जज प्रथम सतीश चंद्र द्विवेदी ने करन सिंह को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया।



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