सिरसा कलार। कालपी-मदारीपुर मुख्य मार्ग पर अधूरा निर्माण राहगीरों के लिए मुसीबत बन गया है। गोरा कला के आगे से मदारीपुर तक 28 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण के लिए 49 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था, लेकिन अब तक 21 किलोमीटर सड़क ही बन सकी है। शेष सात किलोमीटर सड़क बजट के अभाव में अधूरी पड़ी है। कई जगह सड़क उखड़कर गड्ढों में तब्दील हो गई है। इससे धूल उड़ने के साथ ही हादसों का खतरा बढ़ गया है। मार्ग से रोजाना करीब पांच हजार लोगों का आवागमन होता है।

कालपी-मदारीपुर मार्ग को स्टेट हाईवे का दर्जा मिलने के बाद इसके चौड़ीकरण और निर्माण की योजना बनी थी। इसके बावजूद कुरेपुरा से आगे, दोनापुर से मदारीपुर तक, दमरास से कैंची पुल और डिग्री कॉलेज से सिम्हारा चौराहे तक अलग-अलग हिस्सों में सड़क अधूरी पड़ी है। कई स्थानों पर सड़क उखड़कर धंस गई है। बीच का हिस्सा ऊबड़-खाबड़ होने से टेंपो, ई-रिक्शा और लोडर चालकों को कच्चे रास्ते से वाहन निकालने पड़ते हैं। चालकों का कहना है कि सड़क के बीच से गुजरने पर वाहन पलटने का खतरा बना रहता है।

क्षेत्रीय लोगों वीर सिंह सेंगर, राजेश सिंह, संदीप, राजू सिंह और सुनील यागिक का कहना है कि कदौरा की ओर से मौरंग लदे ओवरलोड ट्रक आते हैं। नियामतपुर और दमरास के बीच करीब 50 ट्रक एक साथ खड़े होकर निकलते हैं। कुछ ट्रकों से पानी टपकने के कारण उखड़ी सड़क पर नमी बनी रहती है। भारी वाहनों के दबाव से सड़क और धंस रही है। गड्ढों से उड़ती धूल के कारण राहगीरों और आसपास के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

दुकानदारों का कारोबार प्रभावित, महंगा पड़ रहा सामान

राजेश और मुरली ने बताया कि सड़क की बदहाली के कारण नियामतपुर बाजार में सब्जी और दुकानों का सामान पहुंचाने वाले कई टेंपो चालकों ने आना-जाना बंद कर दिया है। अब दुकानदारों को बड़े वाहनों से सामान मंगाना पड़ रहा है, जिससे ढुलाई का खर्च बढ़ गया है। नियामतपुर से सिरसा कलार बाजार आने वाले दुकानदारों को भी इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। सवारी वाहनों को कई बार यात्रियों को उतारकर खराब रास्ते से खाली निकलना पड़ता है।

साइकिल से निकलना मुश्किल, विद्यार्थियों को हादसे का डर

मदारीपुर से सिम्हारा चौराहे के बीच 10 इंटर कॉलेज और तीन डिग्री कॉलेज हैं। इनमें पढ़ने वाले विद्यार्थी रोजाना इसी मार्ग से आते-जाते हैं। इंटर की छात्राओं निशा, अवनी और प्रतीक्षा का कहना है कि सड़क उखड़ी होने के कारण साइकिल चलाना मुश्किल हो गया है। एक ओर गड्ढे हैं तो दूसरी ओर ओवरलोड ट्रक निकलते हैं।

वर्जन

अधूरे सात किलोमीटर मार्ग के निर्माण के लिए कार्ययोजना भेजी गई है। बजट मिलते ही निर्माण शुरू कराया जाएगा। जिन स्थानों पर सड़क अधिक उखड़ गई है, वहां गिट्टी डलवाई गई है। शेष खराब स्थानों पर भी गिट्टी डलवाई जाएगी, ताकि लोगों को आवागमन में कुछ राहत मिल सके। – जितेंद्र कुमार, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी खंड तीन।



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