जिला कारागार एवं पुलिस लाइन में भी धूमधाम से जन्माष्टमी पर्व बनाया गया। जिला कारागार को बिजली की सुंदर झालरों से सजाया गया था। दरवाजों को तोरण द्वार से सजाया गया। शाम को बंदियों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। इसमें बंदियों ने ही भजन समेत सुंदर नाट्य प्रस्तुति प्रस्तुत की।
नाट्य प्रस्तुति में बंदियों ने भगवान कृष्ण जन्म एवं सुदामा के साथ लीला का मंचन किया। इसमें नितिन परिहार ने कृष्ण एवं नमित जाटव ने सुदामा का पात्र निभाया। वहीं, बृजेश बघेल ने रूक्मणि, जीशान एवं आफाक ने द्वारपाल की भूमिका निभाई। उनकी प्रस्तुति की सभी ने सराहना की। कई बंदियों ने भजन भी प्रस्तुत किए। खास तौर से संजू उर्फ संजीव ने ‘पलना में झूले कन्हैया’, नीतेश घनश्याम ने ‘कृष्ण करुणामय कृपा कीजिये’ और महाराज की ओर से प्रस्तुत ‘घनश्याम तेरी बंशी पे’ भजन को सराहना मिली। कृष्ण जन्म के समय आरती हुई। इसके बाद सभी के बीच प्रसाद वितरित किया गया।