एक वर्ष पूर्व घर में काम करने वाली महिला से दुष्कर्म के आरोपी पूर्व चिकित्सा अधीक्षक को विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण नेत्रपाल सिंह की अदालत ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
अभियोजन के मुताबिक एक महिला ने चार नवंबर 2024 को नवाबाद थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उल्लेख किया था कि वह कई वर्षों से आवास विकास तालपुरा निवासी डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल पूर्व चिकित्सा अधिकारी के यहां झाड़ू -पोंछा लगाने का काम करती है। घटना वाले दिन डॉ. बद्री प्रसाद ने उसे चाय पिलाई। चाय पीने के बाद वह बेहोश हो गई। उसके बाद जब उसे होश आया तो उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे, जब वह चीखी चिल्लाई तो डॉक्टर ने उसे दुष्कर्म करने का वीडियो दिखाकर धमकी देते हुए कहा कि अगर किसी से शिकायत की तो यह वीडियो वायरल कर दूंगा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी। बुधवार को आरोपी की ओर से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। इसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने पूर्व चिकित्सा अधिकारी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
