बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण को राजघाट बांध से 177 एमएलडी पानी देने के प्रस्ताव को मध्य प्रदेश शासन से जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। प्रस्ताव पर एमपी शासन लगभग सहमत है। इसको हरी झंडी मिलते ही इस औद्योगिक शहर के विकास की बड़ी चुनौती दूर हो जाएगी।
झांसी के 33 गांव की 62500 एकड़ भूमि पर बीडा विकसित किया जा रहा है। इसके लिए जमीन खरीद का काम तेजी से चल रहा है। बताया गया कि संपूर्ण बीडा के लिए तीन चरणाें में वर्ष 2070 तक 217 एमएलडी पानी की आवश्यकता अनुमानित है। इसमें पहले चरण में 76 एमएलडी, दूसरे चरण में 41 एमएलडी और तीसरे चरण में 100 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। वहीं, बीडा की शुरुआत डगरवारा, राजापुर और बमेर में 2320 एकड़ में बनने वाले एक्टिवेशन एरिया से की जानी है। एक्टिवेशन एरिया के विकास के लिए बजट की मंजूरी मिलने के बाद अब यहां निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 132 केवी और 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र बनेगा। पर्याप्त पानी के लिए 30 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) क्षमता की पेयजल आपूर्ति प्रणाली तैयार होगी। हालांकि, शुरुआती 15 वर्षों तक यहां 18.4 एमएलडी पानी की जरूरत होगी।
संपूर्ण बीडा के लिए राजघाट बांध परियोजना से बीडा को जलापूर्ति का निर्णय हो चुका है। अक्तूबर 2025 में हुई बेतवा बोर्ड की बैठक में भी राजघाट बांध परियोजना के अनुपयोग हो रहे सिल्टेशन के लिए लाइव स्टोरेज में से अस्थायी रूप से जल बीडा को उपलब्ध कराने के संबंध में निर्णय लिया गया है। इसको लेकर मध्य प्रदेश सरकार को भी पत्र लिखा गया है। बीडा के सीईओ संजय खत्री का कहना है कि जल्द ही राजघाट बांध से बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण को जलापूर्ति की मंजूरी एमपी शासन से मिलने की उम्मीद है।
