रिसाला चुंगी से ओरछा तिगैला तक बनने वाली फोर लेन के लिए वन भूमि हस्तांतरण का रास्ता साफ हो गया है। सड़क चौड़ीकरण के लिए यहां ली जाने वाली 2.95 हेक्टेयर भूमि अब गरौठा तहसील के धमनौड़ गांव में दी जाएगी। एसडीएम गरौठा की आख्या के बाद अब जिला प्रशासन ने जेडीए को पत्र भेजकर आगे की कार्रवाई करने के लिए कहा है।
अभी इस सड़क की चौड़ाई करीब छह मीटर है। फोर लेन सड़क बनने के बाद यह करीब 15 मीटर चौड़ी हो जाएगी। इसमें एक मीटर का डिवाइडर भी शामिल शामिल है। 26.20 करोड़ से होने वाले सड़क चौड़ीकरण के लिए झांसी विकास प्राधिकरण ने निविदा प्रक्रिया करा ली गई है। इसका काम भी शुरू हो चुका है। फोर लेन सड़क निर्माण में लगभग 2.95 हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि प्रभावित होगी। इसके बदले वन विभाग को समान क्षेत्रफल की गैर वन भूमि हस्तांतरित की जानी है। पहले गरौठा तहसील के ग्राम पहरा की भूमि को इसके लिए चिह्नित किया गया था लेकिन अभिलेखों के परीक्षण में यह सामने आया कि वह भूमि पहले से लैंड बैंक के लिए प्रस्तावित है। इसके बाद उप जिलाधिकारी गरौठा की आख्या के आधार पर ग्राम धमनौड़ की 2.95 हेक्टेयर भूमि को वन विभाग के पौधरोपण के लिए उपयुक्त मानते हुए चिह्नित किया गया है। जिलाधिकारी कार्यालय ने संबंधित आख्या जेडीए को भेज दी है। इससे सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए वन स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
इन्होंने यह बताया
रिसाला चुंगी से ओरछा तिगैला तक बनने वाली फोर लेन सड़क के लिए एसडीएम गरौठा की आख्या पर अग्रेतर कार्रवाई के लिए जेडीए को पत्र भेजा गया है। सड़क चौड़ीकरण में आने वाली 2.95 हेक्टेयर भूमि के बदले गरौठा तहसील के धमनौड़ में वन भूमि चिह्नित की गई है। – शिव प्रताप शुक्ल, एडीएम प्रशासन।