मुख्यमंत्री के 18 जून को संभावित दौरे के पहले प्रभारी मंत्री बनने के बाद पहली बार झांसी आए जयवीर सिंह के निशाने पर कई विभाग रहे। कलक्ट्रेट में योजनाओं, कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों द्वारा तीमारदारों से मारपीट प्रकरण और विवाह आयोजन की जांच के आदेश दिए। वहीं, जनप्रतिनिधियों के निशाने पर विद्युत विभाग के अधिकारी रहे।
बैठक में प्रभारी मंत्री से जनप्रतिनिधियों ने विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा समस्या दूर न कराने की शिकायत की तो मंत्री ने मुख्य अभियंता को आचरण सुधारने, समस्या के निस्तारण के निर्देश दिए। पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जल संस्थान, जल निगम और नगर निगम को आपसी समन्वय बनाकर महानगर के सभी घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के निर्देश दिए।
अमृत-2 परियोजना का अगस्त में लोकार्पण कराने की जानकारी जल निगम के अधिशासी अभियंता ने दी। सड़क काटने के बाद ठीक न कराने पर भी नाराजगी जताई। कहा कि तत्काल सर्वे कराकर ठीक कराएं। डीएम गौरांग राठी ने प्रत्येक विभाग की एक-एक परियोजना के विषय में जानकारी दी।
बैठक में मेयर बिहारी लाल आर्य, एमएलसी रामतीर्थ सिंघल, एमएलसी रमा निरंजन, एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी, विधायक रवि शर्मा, विधायक जवाहर राजपूत, विधायक राजीव सिंह पारीछा, विधायक रश्मि आर्य, महानगर अध्यक्ष सुधीर सिंह, एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति, नगर आयुक्त आकांक्षा राणा आदि मौजूद रहे।
