प्रसूता को बगैर इलाज उपलब्ध कराए बंगरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से दो बार लौटाने के मामले को मुख्य चिकित्साधिकारी ने संज्ञान में लिया है। उन्होंने सीएचसी अधीक्षक से मामले की रिपोर्ट तलब की है। लापरवाही सामने आने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
प्रसव पीड़ा होने पर बंगरा निवासी अश्वनी अपनी पत्नी प्रियंका को लेकर 29 जून की रात 12:30 बजे सीएचसी बंगरा पहुंचे थे। लेकिन, वहां मौजूद स्टाफ ने उन्हें बगैर इलाज किए लौटा दिया था। पीड़ा बढ़ने पर अश्वनी उसी रात तकरीबन 2:30 बजे एक बार फिर पत्नी को लेकर सीएचसी पहुंचे, लेकिन इस बार भी उन्हें इलाज नहीं मिल पाया था। मजबूरी में उन्हें पत्नी को निजी वाहन से झांसी आना पड़ा था। यहां एक निजी अस्पताल में प्रसव हुआ था। यह शिकायत अश्वनी ने मुख्यमंत्री पोर्टल व अधिकारियों से की थी। इस मामले को मुख्य चिकित्साधिकारी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने सीएचसी अधीक्षक से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। विभागीय लोगों के अनुसार लापरवाही सामने आने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।
सीएमओ ने मांगी जांच रिपोर्ट
सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच कर रिपोर्ट भेजी जा रही है। मामले में दोषी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई होगी। – डॉ. केके राजपूत, अधीक्षक-बंगरा सीएचसी
