उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ने तत्काल प्रभाव से स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदलने के आदेश कर दिए हैं। यही नहीं, उपभोक्ताओं को मई की ऊर्जा खपत का देय बिल जून में पोस्टपेड पद्धति से मिलेगा। अधिकारी हर माह की 10 तारीख तक बिल सृजित करेंगे। बिल की देय तिथि निर्गत से 15 दिन होगी। इसके सात दिन बाद कनेक्शन विच्छेदन की तारीख होगी।
प्रबंध निदेशक नितीश कुमार ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि आरडीएसएस योजना के तहत लगे प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड मोड में तत्काल परिवर्तित किया जाए। स्मार्ट पोस्टपेड मोड के बिल उपभोक्ताओं को एसएमएस या व्हाट्सएप से उपलब्ध कराए जाएंगे। बिल 10 तारीख तक मिलेंगे। नॉन कम्यूनिकेशन अथवा नेटवर्क की समस्या के कारण संभव है कि कुछ उपभोक्ता के स्मार्ट मीटर की ऑटोमेटिक रीडिंग प्राप्त नहीं हो। ऐसे में पांच तारीख तक इनकी मैनुअल रीडिंग कराकर बिल 10 तारीख तक उपलब्ध कराना है। नए संयोजन स्मार्ट मीटर के माध्यम से पोस्टपेड मोड में निर्गत किए जाएंगे। प्रीपेड मोड में परिवर्तन के समय उपभोक्ताओं की जमा सिक्युरिटी धनराशि बिल में समायोजित कर दी गई थी। अतः पूर्व की भांति पुनः पोस्टपेड मोड में परिवर्तन पर वर्तमान में प्रचलित ””कॉस्ट डाटा बुक-2026”” में स्वीकृति के अनुसार सिक्युरिटी धनराशि चार समान किस्तों में जून से तीन मासिक बिलों में जोड़ी जाएगी।
लगाए जाएंगे विशेष कैम्प
उपभोक्ताओं की विद्युत बिल को लेकर शिकायत के निराकरण के लिए 15 मई से 30 जून तक अधिशासी अभियंता एवं उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष काउंटर या कैम्प लगाएंगे।