कल्याणपुर के आवास विकास निवासी बिल्डर को पार्टनरशिप में इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का व्यापार करना भारी पड़ गया। शातिरों ने झांसे में लेकर उनसे 4.5 करोड़ रुपये कीमत का प्लॉट बैंक में गिरवी रखवा कर 7 करोड़ रुपये बैंक से लोन लिया। इसके बाद कंपनी के दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर कंपनी के रुपये अपने परिचितों को ट्रांसफर कर दिए। वहीं बैंक में गिरवी रखे गए प्लॉट की किस्तें भी नहीं चुकाईं। आरोप है कि विरोध पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस कमिश्नर से शिकायत के बाद चार के खिलाफ जालसाजी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कल्याणपुर, आवास-विकास-1 निवासी अजय सिंह चौहान ने बताया कि एफनिटी फर्स्ट डेवलेपर प्रा.लि. नाम से कंपनी है। जिसमें उनकी पत्नी अनुपम चौहान और प्रगति द्विवेदी भी डायरेक्टर हैं। कंपनी ने व्यवसायिक आवश्यकता के लिए मिर्जापुर कल्याणपुर में 4.5 करोड़ रुपये कीमत का 600 वर्ग गज प्लॉट खरीदा। इसी दौरान राजीव त्रिपाठी और रवि त्रिपाठी ने मुलाकात की। बताया कि उनकी दुबई में एमटीएस फूडस्टफ एलएलसी नाम से कंपनी है। साथ मिलकर इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट का बिजनेस करने को कहा। इस पर अजय राजी हो गए। 4 अगस्त 2023 को राज वंदनम इंटरनेशनल एलएलपी नाम से कंपनी बनाई गई। जिसमें राजीव ने पत्नी वंदना त्रिपाठी जबकि अजय ने पत्नी अनुपम को डायरेक्टर बनाया।
कंपनी चलाने के लिए एसबीआई की बिरहाना रोड शाखा से 7 करोड़ का लोन लिया गया। जिसके लिए अजय ने अपना प्लॉट बैंक में बंधक कर दिया। आरोप है कि राजीव ने दुबई वाली अपनी कंपनी से फर्जी पीआई बनाकर नई बनी कंपनी को भेजा। इसके बाद राज-वंदनम कंपनी का रुपया धीरे-धीरे कर अपनी रिश्तेदारों की कंपनी में ट्रांसफर कर दिया। राजीव ने सिग्नेचर अथॉरिटी भी अपनी पत्नी वंदना के नाम पर कर ली। कंपनी के कोष में जमा पूरा रुपया शातिरों ने निकाल लिया। इसके बाद लोन भी नहीं चुकाया। कल्याणपुर इंस्पेक्टर ने बताया कि राजीव, रवि, वंदना और प्रशांत द्विवेदी पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
