जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारी कर ली है। जिले में गंगा, यमुना, पांडु, नोन और रिंद नदियों के किनारे बसे 176 गांवों को संवेदनशील चिह्नित करते हुए प्रशासन ने करीब 40 लाख रुपये की राहत सामग्री की खरीद का टेंडर जारी कर दिया है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में घाटमपुर तहसील सबसे अधिक संवेदनशील है। यहां 58 गांवों में खतरा माना गया है। इसके अलावा सदर के 54, बिल्हौर के 51 और नर्वल के 12 गांव विशेष निगरानी सूची में हैं।




इन गांवों में राजस्व, सिंचाई, स्वास्थ्य, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की संयुक्त टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों को मुनादी के जरिए चेतावनी दी जा रही है कि वे जलस्तर पर नजर रखें और किसी भी स्थिति में नदी के करीब जाने का जोखिम न उठाएं। जिले में 35 बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। वहीं जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 101 बाढ़ शरणालय चिह्नित किए गए हैं। इन शरणालयों में पेयजल, बिजली, शौचालय, प्राथमिक उपचार और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।



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