पोस्टमार्टम हाउस में बुधवार को बिजली न आने से चार घंटे बाद पोस्टमार्टम शुरू हो सका। इस दौरान शवों की कतार लग गई जबकि परिजनों की भारी भीड़ लग गई। हालत ये हो गई कि पोस्टमार्टम हाउस के फार्मासिस्ट को मोबाइल की रोशनी में कागजी कार्रवाई करनी पड़ी जबकि पुलिस कर्मियों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट अंधेरे में सील करनी पड़ी। दोपहर दो बजे फाल्ट दुरुस्त होने पर प्रक्रिया शुरू हो सकी।
बुधवार तड़के हुई झमाझम बारिश के बाद शहर में कहीं फाल्ट हुए तो कहीं पेड़ गिर गए। इससे बुधवार सुबह 10 बजे से पोस्टमार्टम हाउस की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इसके चलते पोस्टमार्टम शुरू नहीं हो सके। सुबह 11 बजे पहला पंचायतनामा पनकी से विष्णु कपाड़िया का आया, दोपहर 2 बजे तक सचेंडी से मनीष पांडेय, घाटमपुर से विजय उत्तम, बिठूर से ओमप्रकाश, रेलबाजार से गोलू, बिधनू से शंकर सिंह के शवों के पंचायतनामा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, लेकिन बिजली गुल होने के कारण एक भी शव का पोस्टमार्टम शुरू नहीं हो सका। डॉ. सपन ने सीएमओ हरिदत्त नेमी से बिजली न होने की शिकायत की। इसके बाद प्राइवेट इलेक्ट्रीशियन ने फाल्ट दुरुस्त किया। दो बजे के बाद पोस्टमार्टम शुरू हो सका।
